समुद्र में मछली पकड़ते समय सिलेंडर फटने से हुआ था हादसा
खुटहन, जौनपुर। शाहपुर सानी गाँव निवासी व बांबे में समुद्र के भीतर नाव से मछली पकड़ने का काम कर रोजी रोटी चलाने वाले युवक की बीते शनिवार को नाव पर रखे गैस सिलेंडर फट जाने से बीच समुद्र में हुई मौत से दिव्यांग पत्नी व परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बुधवार को उसका शव बांबे से घर आते ही परिजनो मे कोहराम मच गया। शव का अंतिम संस्कार पिलकिछा घाट पर कर दिया गया।
गांव निवासी सुरेश नाविक पुत्र स्व बलराज लगभग पांच माह पूर्व बांबे गया था। वह समुद्र मे मछुवारे का काम करता था। उसकी सात लोगो की टीम थी। जो समुद्र के भीतर नाव से जाकर जाल फेंक मछली पकड़ते है। बताते है कि वह शनिवार को नाव पर रखे गैस सिलेंडर को जलाकर खाना बना रहा था। अचानक सिलेंडर फट गया। तेज धमाके के चलते नाव भी फटकर समुद्र मे समा गयी। बाकी के छः लोग तो तैर कर दूसरी नाव पर सहारा ले लिए। लेकिन गंभीर रूप से घायल सुरेश की समुद्र मे ही जल समाधि हो गई। साथी मछुवारो ने उसका पानी मे क्षत बिक्षत उतराया शव किसी ढंग से निकाला घाट तक पहुँचाया। जहाँ से चिकित्सकीय परीक्षण के बाद एम्बुलेंस से घर लाया गया।
बुधवार को शव घर पहुंचते ही परिजनो मे कोहराम मच गया। पांच भाइयो मे चौथे नंबर पर जन्मे सुरेश के माता पिता का साया वर्षो पूर्व ही उठ चुका था। वह मछुवारे का काम कर परिवार का गुजारा करता था। उसकी मौत से परिवार पर बिपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा। पैरो से दिव्यांग पत्नी सुरसत्ती देवी बेसहारा होकर पति बियोग मे रोते रोते बेहोश हो जा रही है। वही पुत्र शेरू (12) संदीप (10) और पुत्री गंगाजलि के करुण क्रंदन से पूरे गाँव मे शोक ब्याप्त हो गया। पास पड़ोस व रिश्तेदार उन्हे ढांढस बधा रहे है।
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