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जौनपुर लाइव न्यूज नेटवर्क
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चंदवक, जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के मचहटी गांव में विजय नारायण सिंह के यहां आयोजित सप्त दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिन डॉ. उमाशंकर त्रिपाठी "ब्यासेंदु" जी महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जीवन चरित्र वास्तव में जीवन जीने की कला का आभास कराता है। भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व मानव बनकर रहने की प्रेरणा देता है। सच्चाई का साथ देने और झूठ का विरोध करना श्रीराम के जीवन का निचोड़ है। जीवन को सहज और सरल भाव से जीना हो तो प्रभु श्रीराम का स्मरण करना चाहिए। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन मे मर्यादा को सर्वोपरि माना है। संसार के समस्त स्त्रियों को मातृवत माना। दूसरे के धन को विष के समान समझा। प्रभु श्रीराम प्रातः काल उठकर माता—पिता को प्रणाम कर आशीर्वाद लेते थे। आशीर्वाद से मनुष्य को चार चीजें मिलती है आयु, विद्या, यश व बल। बताया कि भगवान श्रीराम ने मनुष्य अवतार धारण करके मानव मात्र को शिक्षा देने के लिए रामावतार धारण किया। कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में आए क्षेत्र के लोगों के बीच आरके सिंह, इंद्रजीत सिंह, विजय सिंह, रामबक्स सिंह, जीपी सिंह, मोनल सिंह व मयंक सिंहसहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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