Jaunpur : ​आत्मीयता व्यसन मुक्ति से सुख—शान्ति सम्भव, भगवान पिता तो सन्त मां के समान होता है

डा. संजय यादव @ बदलापुर, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र में आयोजित हरिप्रबोधम सत्संग सभा में गुजरात से पधारे पूज्य सर्वदर्शन स्वामी ने कहा कि भगवान पिता तो संत मां के समान होता है। जिस प्रकार एक बच्चे के जीवन में मां की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार हमारे जीवन में संत रुपी मां की जरूरत होती है। जैसे मां बच्चे को साफ सुथरा कर पिता की गोद में डाल देती है। उसी प्रकार मां समान संत हमारी कुसंग, व्यसन आदि बुराइयों को दूर करके हमें भगवान रुपी पिता की गोद में डाल देते हैं। आत्मीयता द्वारा ही जीवन में सुख शांति और मानवता का विकास संभव है। हिंसा अनाचार परिवार व समाज को अशांत बनाए हुए हैं। ऐसे में आत्मीयता का जीवन जीकर हम परिवार समाज व राष्ट्र को खुशहाल बना सकते हैं। आत्मीयता के द्वारा हम परिवार, समाज, राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधने के साथ अपना आत्म कल्याण भी कर सकते हैं।
निमित्त स्वामी ने कहा कि ब्यसन समस्त बुराइयों की जड़ है। इससे परिवार व समाज में विखंडन उत्पन्न हो रहा है। हम व्यसन मुक्त जीवन जीकर परिवार समाज व मानवता की सेवा कर सकते हैं। हम जीवन में शाकाहार अपना कर रोगों से मुक्ति पाने के साथ हमारे विचारों में भी शुद्धता सात्विकता के भाव आते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. प्रमोद सिंह ने कहा कि स्वामी नारायण के संत युवाओं को मांस मदिरा, चोरी, जुआ, व्यभिचार जैसी बुराइयों से दूर करके उनका सांसारिक व आध्यात्मिक कल्याण का कार्य कर रहे हैं। हमारी भारतीय संस्कृति में गुरु को साक्षात परब्रह्म का स्वरूप कहा गया है।
इस अवसर पर रामशंकर दुबे, राजदेव सिंह, दुर्गा प्रसाद साहू, सांवले सिंह, प्रदीप त्यागी, राम आसरे साहू, विनोद जायसवाल, नन्हकऊ गुप्ता, संतोष जायसवाल, अमित जायसवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। अन्त में आयोजक सुधीर सिंह व शशि गुप्ता ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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