जौनपुर। बरकतों और रहमतों के पवित्र महीने रमज़ान के आगमन के साथ ही मुस्लिम समाज में इबादतों का सिलसिला तेज हो गया है। इसी क्रम में नगर के प्रेमराजपुर स्थित मस्जिद आयशा में 14 रोज़े पर तरावीह में पवित्र क़ुरआन मुकम्मल किया गया। इस मौके पर मस्जिद परिसर में महफ़िल का आयोजन हुआ जहां हाफिज आमिर हमजा खैराबादी ने रमज़ान की फ़ज़ीलत, क़ुरआन शरीफ की अहमियत तथा अल्लाह और उसके रसूल की शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि रमज़ान का महीना रहमतों और बरक़तों से लबरेज़ होता है। इसी पाक महीने में क़ुरआन शरीफ नाज़िल हुआ, इसलिए इसकी तिलावत और समझना हर मुसलमान के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने रोज़े की अहमियत बताते हुए कहा कि रोज़ा हर बालिग मुसलमान पर फ़र्ज़ है, जिससे इंसान में परहेज़गारी और सब्र पैदा होता है। तरावीह में क़ुरआन सुनना सुन्नत है और पूरे महीने तरावीह में शामिल होकर क़ुरआन सुनना भी अलग सुन्नत का सवाब देता है। उन्होंने देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई।
अंत में उपस्थित लोगों ने इमाम साहब की गुलपोशी कर उन्हें तोहफ़ा पेश किया।
इस अवसर पर हुसैन अहमद, मोहम्मद अशफाक, मोहम्मद इब्राहीम, मकबूल अहमद, मोहम्मद शोएब, सोहराब अंसारी, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद यूनुस, महमूद, शरीफ, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद ताजुद्दीन, परवेज़, अली अकबर, मोहम्मद साहिल सहित बड़ी संख्या में अकीदतमन्द मौजूद रहे।
उन्होंने रोज़े की अहमियत बताते हुए कहा कि रोज़ा हर बालिग मुसलमान पर फ़र्ज़ है, जिससे इंसान में परहेज़गारी और सब्र पैदा होता है। तरावीह में क़ुरआन सुनना सुन्नत है और पूरे महीने तरावीह में शामिल होकर क़ुरआन सुनना भी अलग सुन्नत का सवाब देता है। उन्होंने देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई।
अंत में उपस्थित लोगों ने इमाम साहब की गुलपोशी कर उन्हें तोहफ़ा पेश किया।
इस अवसर पर हुसैन अहमद, मोहम्मद अशफाक, मोहम्मद इब्राहीम, मकबूल अहमद, मोहम्मद शोएब, सोहराब अंसारी, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद यूनुस, महमूद, शरीफ, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद ताजुद्दीन, परवेज़, अली अकबर, मोहम्मद साहिल सहित बड़ी संख्या में अकीदतमन्द मौजूद रहे।
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