इसी क्रम में नवीन नामांकन अभियान के अन्तर्गत अभिभावकों को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु विद्यालय में प्रवेश दिलाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नि:शुल्क सुविधाओं एवं समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। इस दौरान बाल वाटिका कक्ष का उद्घाटन डॉ गोरखनाथ पटेल ने किया जिससे नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए आकर्षक एवं अनुकूल शिक्षण वातावरण सुनिश्चित होगा। यह पहल प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा चौपाल के माध्यम से खंड शिक्षा अधिकारी उदयभान कुशवाहा ने अभिभावकों, शिक्षकों एवं ग्रामवासियों के बीच संवाद स्थापित किया गया जिसमें शिक्षा के महत्व, बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष चर्चा हुई।
इस मौके पर मेधावी एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को छात्र पुरस्कार वितरण के माध्यम से सम्मानित किया गया। इससे छात्रों का उत्साहवर्धन हुआ और अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिली। समापन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों, गणमान्य व्यक्तियों एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना किया। प्रधानाध्यापक राम सजन यादव सहित समस्त स्टाफ ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुये शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने का संकल्प दोहराया। “गौहर महोत्सव–उमंग 2026” न केवल एक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह शिक्षा, संस्कार और सामुदायिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। कार्यक्रम की रूप—रेखा एवं संचालन सहायक अध्यापक शिवम सिंह ने किया।
