कार्मिकों की प्रमुख मांगों में बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान, ईपीएफ की व्यवस्था, मानदेय में बढ़ोतरी और एचआर पॉलिसी लागू करना शामिल है। उनका कहना है कि लंबे समय से मानदेय लंबित रहने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कार्मिकों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के चलते विकास खंड क्षेत्र में मनरेगा से जुड़े कार्य प्रभावित होने की संभावना है जिससे ग्रामीण रोजगार योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
हड़ताली कार्मिकों ने प्रशासन से अपील किया कि प्रांतीय नेतृत्व से दिशा-निर्देश मिलने तक उन पर कार्य करने का दबाव न बनाया जाए। इस अवसर पर एपीओ नृपेंद्र सिंह, उमाकांत यादव, किशन कुमार, सुभाष चंद्र, प्रीति यादव, आरती देवी, मीरा जायसवाल, अजय कुमार, गुड़िया, संत लाल, आशा यादव, आरुत यादव, सतीश कुमार, शिव प्रसाद, चंद्र प्रकाश, नीतू सिंह, विनोद कुमार, लालमन बिंद, रामकेवल, ज्योति यादव, सुषमा देवी समेत तमाम कार्मिक मौजूद रहे।
