कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह एवं मड़ियाहूं विधायक डॉ. आरके पटेल ने दीप प्रज्वलित करके किया। कार्यक्रम का शुभारंभ नासिर जौनपुरी के नातिया कलाम से हुआ जबकि सरस्वती वंदना विष्णु दत्त पांडेय, कार्यक्रम की अध्यक्षता ईशा फारूकी ने किया प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के कन्वीनर राशीद हाशमी रहे।
मुशायरे में शकील फूलपुरी ने अपने शेर “बहुत ही खूबसूरत हो मगर अच्छा नहीं लगता, न हो अगर ओढ़नी सर पर तो सर अच्छा नहीं लगता” से खूब वाहवाही बटोरी। रुखसार बलरामपुरी ने “जब से वह घर मेरे आने जाने लगे, हर किसी वारोदर मुस्कुराने लगे” पढ़कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। हास्य व्यंग्य के रंग में बिहारी लाल अंबर ने “पल्स पोलियो वाले जैसे ही मेरे घर आया, मेरा आप वैसे ही घर से निकल आया” सुनाकर ठहाके लगवाए। शकील मुरादाबादी ने “मां-बाप की खिदमत में दिलो जान लुटाओ, कुरान का फरमान है तुम इसको निभाओ” पढ़कर भावनात्मक माहौल बना दिया।
इसके अलावा अकरम जौनपुरी, विभा तिवारी, अब्दुल हक अंसारी, अर्सलान फूलपुरी और नीरज जौनपुरी ने भी एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सेठ, सुमित सेठ, सुरेंद्र जायसवाल, कैलाश जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, आरिफ हबीब, संजय सिंह, घनश्याम साहू, अनुराग वर्मा, अफजाल अंसारी, राजकृष्ण शर्मा, डा. आलम, विनोद निगम, विनय गुप्ता, नसीम अहमद, सारिक नदीम, फैसल अंसारी, सेराज अंसारी, गयासुद्दीन अंसारी, जलालुद्दीन अंसारी, जर्रार अंसारी, बबलू अंसारी, काजू राईन, मेराजुद्दीन, इरफान कुरैशी, मंसूर आलम सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
