ग्रामीणों का आरोप है कि मोहल्ले की सड़क और नाली पिछले करीब 15 वर्षों से टूटी पड़ी है। बरसात के दिनों में जलभराव और गंदगी से लोगों का जीना दूभर हो जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पालिका के सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करने नहीं आते जिससे क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कहा कि कई बार नगर पालिका अध्यक्ष और क्षेत्रीय सभासद से शिकायत की गयी लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार उपेक्षा से नाराज होकर महिलाओं ने हाथ उठाकर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द समस्या के समाधान की मांग किया।
प्रदर्शन करने वालों में अनिल मौर्या, प्रहलाद पाण्डेय, सभाजीत, ललिता देवी, मीरा निषाद, मोना, माधुरी, अनीता, सुशीला, परवीन, चन्द्ररेखा, प्रेमचन्द, मीरा, दया, सीमा मौर्या, कौशल्या, रोशनी, राजन, शत्रुघन, बुधना देवी, सोनी, उर्मिला, लालचंद्र आदि प्रमुख रहे। इस मौके पर ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क, नाली निर्माण और सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो नगर पालिका कार्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जायेगा।
