खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय नगर पंचायत की बुधवार को आयोजित बोर्ड बैठक हंगामे, आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहसों के बीच संपन्न हुई। भारी गहमा—गहमी के बीच वर्ष 2026-27 के लिए करीब 38 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पारित किया गया। बैठक शुरू होते ही सभासदों ने नगर पंचायत का रजिस्टर कार्यालय से बाहर एक लकड़ी के टाल पर मिलने का मुद्दा उठाकर कड़ा विरोध जताया। सभासदों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि नगर पंचायत के महत्वपूर्ण दस्तावेज इस तरह बाहर मिलना बेहद गंभीर मामला है। इसी मुद्दे को लेकर बैठक में काफी देर तक नोक—झोक और बहस होती रही।
बैठक में बढ़ा तनाव, ईओ को करना पड़ा हस्तक्षेप
माहौल उस समय और अधिक तल्ख हो गया जब कुछ सभासदों के प्रतिनिधियों की बैठक कक्ष में मौजूदगी पर सवाल उठने लगे। सभासदों ने कहा कि बोर्ड बैठक में केवल निर्वाचित सदस्य ही शामिल हो सकते हैं। प्रतिनिधियों की मौजूदगी नियमों के खिलाफ है। स्थिति बिगड़ती देख अधिशासी अधिकारी अलका मौर्य ने हस्तक्षेप करते हुए प्रतिनिधियों को बैठक कक्ष से बाहर कराया। इसके बाद किसी तरह बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ सकी।
विकास कार्यों और सुविधाओं पर भी हुई चर्चा
नगर पंचायत अध्यक्ष वसीम अहमद की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण, नाली सहित अन्य विकास कार्यों को लेकर चर्चा की गई। साथ ही पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों की समीक्षा भी की गई। कासिमपुर वार्ड के सभासद सतीश यादव पिंकू समेत अन्य सभासदों ने रजिस्टर प्रकरण को गंभीर लापरवाही बताते हुए इसकी जांच की मांग किया। सभासदों का कहना था कि नगर पंचायत के अभिलेखों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा कार्यालय परिसर
हंगामे की आशंका को देखते हुए नगर पंचायत कार्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह, कस्बा इंचार्ज अनिल पाठक और उपनिरीक्षक संजय पांडेय समेत पुलिसकर्मी पूरे समय मौजूद रहे। बैठक में खालिद खान, अमित सोनकर, भाई लाल सोनकर, विवेक यादव, सलीम अहमद, रुखसाना बानो, शाहिना, सोनू बिन्द और विनीता मौर्य समेत तमाम सदस्य मौजूद रहे।
