इस मौके पर सचिव श्री सिंह ने प्राधिकरण राष्ट्रीय लोक अदालत एवं इसके अंगों के बारे में विस्तार से बताते हुये कहा कि वरिष्ठ जनों को विधि के अंतर्गत आने का अधिकार प्राप्त है जिसमें भरण पोषण के अधिकार से लेकर सभी योजनाओं में छूट और ब्याज दर में भी छूट शामिल है।
काउंसलर देवेंद्र यादव ने बच्ची देवी बनाम स्टेट और वरिष्ठ जनों तथा तहसीलदार रवि रंजन कश्यप ने तहसील विधिक सेवा समिति और उसके कार्यों के बारे में बताया। वहीं परमानंद मिश्रा ने कल्याणकारी राज्य के बारे में बताया। साथ ही भूपेंद्र यादव, आलोक विश्वकर्मा, ललित तिवारी, हरीनायक तिवारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपना विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डा. दिलीप सिंह ने बताया कि देश में भगवान राम जैसे अवतार पुरुष भी प्रातःकाल उठकर माता-पिता और गुरु के पैर छूते थे। आज वहां पर वरिष्ठ लोगों की इतनी दुर्दशा है जिसके लिए अपने संस्कार पहले जैसे करने होंगे। उन्होंने मध्यस्थता पैनल लाया। डिफेंस काउंसिल सिस्टम पैरालीगल वॉलिंटियर्स एवं विवाद पूर्व मुकदमों के बारे में विस्तार से बताया। अन्त में संघ के महामंत्री आलोक विश्वकर्मा ने आभार ज्ञापित किया।
