स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़कें पैचिंग के बाद भी टिकाऊ नहीं रह पा रही हैं। आए दिन राहगीर, बाइक सवार और बुजुर्ग इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। खासकर बारिश या पानी भराव के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जब गड्ढे दिखाई नहीं देते।
नगर के कई प्रमुख मार्गों के साथ मोहल्लों की गलियां भी इस समस्या से अछूती नहीं हैं। जहां पहले सीमेंटेड सड़कों पर लोगों को सहूलियत थी, वहीं अब सीवर लाइन डालने के बाद वे भी टूट-फूट का शिकार हो गई हैं। कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है जिससे समस्या और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर पत्रकारों और स्थानीय लोगों द्वारा प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा से भी कई बार शिकायत की गयी लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से काम की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़कों की समुचित मरम्मत और निर्माण कार्य को व्यवस्थित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सीवर पाइपलाइन कार्य के साथ-साथ सड़कों को स्थायी और मजबूत तरीके से दुरुस्त कराया जाय, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
