Jaunpur News : 'जहां बहे गंगा की धारा, हो देशवा हमार उहई सजनी' प्रस्तुति पर भाव-विभोर हुये श्रोता

अवधी लोक संगीत महोत्सव में लोक गीत, भजन और नृत्य की हुईं मनमोहक प्रस्तुतियां

सुइथाकला, जौनपुर। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित रिपर्ट्री अनुदान योजना के अंतर्गत सर्वांगीण विकास सेवा अकादमी अमारी के सौजन्य से रामनरेश त्रिपाठी सभागार में एक दिवसीय अवधी लोक संगीत महोत्सव का आयोजन हुआ जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि डॉ. दिलीप श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

महोत्सव में लोक कलाकारों ने लोक गीत, भजन, सोहर, नटका, बधाई, होली गीत एवं लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्र—मुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत बृजेश पाण्डेय ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत एवं बिरहा गीत “गुलरी के फूल भइला बलमू” की प्रस्तुति से की।अयोध्या धाम से आई संगमलता की टीम ने लोक गीत, नटका, बधाई एवं होली गीतों के साथ लोक नृत्य प्रस्तुत करके खूब वाहवाही बटोरी। वहीं अंकित मिश्रा एवं गौरव पाण्डेय ने अयोध्या का है सुंदर नजारा ये तो तीर्थों में तीर्थ है प्यारा लोक गीत प्रस्तुत करके संगीत प्रेमियों को भाव-विभोर कर दिया। संस्थाध्यक्ष दयाशंकर पाण्डेय ने अरे मन भजले राम सिया के भजन की प्रस्तुति देकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान जहां बहे गंगा की धारा हो, देशवा हमार उहई सजनी जैसी लोक प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावुक करके तालियां बजाने पर विवश कर दिया। अन्त में मुख्य अतिथि डॉ. दिलीप श्रीवास्तव ने अपनी कविता पाठ से समां बांध दिया। लोक कलाकार सौरभ पाण्डेय, अरुण, प्रदीप, अनुराग, राहुल, आरती, अंजली एवं रूचि ने भी लोक विधा आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन विशाल तिवारी ने किया।

अकादमी के अध्यक्ष दयाशंकर पाण्डेय एवं सचिव इन्दु प्रकाश मिश्र ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए आगंतुक अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।

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