केराकत, जौनपुर। नेपाल के लुंबनी में आयोजित अन्तरराष्ट्रीय ओपन कराटे चैम्पियनशिप में केडी कराटे स्पोर्ट अकादमी के खिलाड़ी अपूर्व रंजन ने प्रतियोगिता में अपने खेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नेपाल के खिलाड़ी को मात देकर सिल्वर पदक अपने नाम किया। पदक जीतने के बाद खिलाड़ी अपूर्व रंजन अपने गांव सेनापुर पहुंचे। ग्रामीणों ने सिल्वर मेडल जीतकर आए अपने गांव के बेटे व कोच सोनू यादव का ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित करके मिठाई बांटकर परिजनों को बधाई दी।
स्वागत समारोह में पहुंचे वक्ताओं ने खिलाड़ी अपूर्व रंजन का उत्साहवर्धन करते हुये कहा कि कराटे केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन व आत्मरक्षा की प्रभावशाली कला है जो जीवन को सही दिशा में जीने की कला सिखाता है। साथ ही आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है जिससे बढ़ती घटनाओं व अत्याचार से स्वयं को सुरक्षित रखने में सहायक होती है। वहीं पिता योगेन्द्र कुमार व माता उषा ने बताया कि बेटे ने सिल्वर पदक जीतकर न सिर्फ अपने परिवार का मान बढ़ाया, बल्कि अपने गांव का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर आसपा के जिला प्रभारी रत्नेश कुमार, शिक्षक अमरनाथ, ओमकार, रमेश कुमार, चंद्रहास, बासु सिंह, अशोक सिंह, किशोर, दल्लू, राधेश्याम, धर्मेन्द्र गुप्ता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
अपूर्व रंजन ने दो स्वर्ण व एक सिल्वर पदक किया अपने नाम
बता दें कि अपूर्व रंजन अब तक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दो स्वर्ण व एक सिल्वर अपने नाम कर चुका है। यही नहीं, अपूर्व रंजन खेल के साथ पढ़ाई में काफी रुचि रखता है। उन्होंने दसवीं के परीक्षा में अपनी मेहनत के बदौलत 94.6 प्रतिशत अंक पाकर विद्यालय में टॉपर रहा जिनकी उपलब्धि को देखते हुए विद्यालय परिवार द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। अपूर्व रंजन ने जीत का श्रेय माता-पिता व कोच सोनू यादव को देते हुए कहा कि मेरे सपना है कि भारत की तरफ से एथलीस्ट में खेल देश का रोशन करना चाहता हूं।
