संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये सचिव सुशील सिंह ने प्राधिकरण के कार्य प्राधिकरण द्वारा दी जा रही सहायता के बारे में बताते हुये नशा उन्मूलन बच्चों को 18 वर्ष की आयु के बाद ही मोटर वाहन चलाने, ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस बीमा साथ रखने के बारे में विस्तार से बताया।
इसी क्रम में डा. दिलीप सिंह, शालिनी चौरसिया, सीमा सिंह, देवेन्द्र यादव द्वारा प्राधिकरण सहित मध्यस्थता केंद्र फ्रंट ऑफिस लीगल एड डिफेंस सिस्टम पैनल लॉ और वॉलिंटियर्स सिस्टम प्री लिटिगेशन मुकदमा जेल विजिटरके बारे में विस्तार से दिया। सुलह योग्य कोई भी सिविल, क्रिमिनल, बैंक, बीमा, चेक बाउंस, किरायेदारी, बैंक बीमा, रिचार्ज मुकदमे मध्यस्थता केंद्र द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में सरलता से निस्तारित किये जाते हैं जहां कोर्ट फीस वापस हो जाती है और यह अंतिम निर्णय होता है जिसकी कोई अपील पुनरीक्षण नहीं होता।
इसके अतिरिक्त लीगल एड डिफेंस सिस्टम के बारे में बताया गया जहां गरीब पीड़ित प्रताड़ित निर्धन और जरूरतमन्द लोगों को विद्वान अधिवक्तागण द्वारा निशुल्क सहायता दी जाती है।15100, 101, 1098, 1912, 100 जैसे नंबरों को हमेशा याद रखना और आपातकाल में सहायता मांगने के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम का संचालन डा. दिलीप सिंह ने किया। अन्त में प्रधानाचार्य जंग बहादुर सिंह ने सभी के प्रति आभार किया।
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