इस मौके पर प्राकृतिक आपदाओं से बचाव, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों तथा आमजन को जागरूक करने की रणनीति पर विशेष विचार-विमर्श किया गया जिसके बाद जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता, सतर्कता एवं जनजागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। आपदा मित्रों को निर्देशित किया कि वे गांव-गांव एवं स्कूल-स्कूल जाकर लोगों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक करें तथा बचाव संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करायें। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में बढ़ती गर्मी, लू, आंधी, वर्षा, बाढ़ जैसी संभावित आपदाओं को देखते हुए सभी संबंधित विभागों एवं स्वयंसेवकों को पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। आमजन से अपील किया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जिलाधिकारी ने आपदा मित्रों एवं नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक आपदा के समय प्रशासन एवं जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। समय पर सूचना, प्राथमिक सहायता एवं राहत कार्यों में स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। बैठक में बाढ़, गर्मी, लू जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हेतु व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही आमजन से “सचेत ऐप” एवं “दामिनी ऐप” डाउनलोड करने की अपील की गई, ताकि मौसम एवं आपदा संबंधी त्वरित सूचनाएं प्राप्त हो सकें। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने जनपद में आपदा प्रबंधन को प्रभावी बनाने एवं प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया।
