इस दौरान पूर्व गृह राज्य मंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सदैव जागरूक रहना चाहिए जिसके लिए मध्यम गति के साथ लम्बी दूरी तक टहलना या किसी खेल को खेलकर अथवा नियमित योग को अपनी जीवन शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाकर अपने स्वास्थ्य को सर्वोत्तम बनाया जा सकता है। उन्होंने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि आधा घंटे ईश को और आधा घंटा योग को देने से पूरा जीवन सुखमय बीतेगा।
योगाभ्यास में शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ता के लिए खड़े होकर, बैठकर और पेट व पीठ के बल लेटकर किये जाने वाले आसनों का अभ्यास कराया गया, जिसमें मुख्य रूप से ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंध आसन, उत्तानपादासन, पवन मुक्तासन के साथ शव आसन या योग निद्रा का अभ्यास रहा। योग सप्ताह के अंतर्गत लोहिया पार्क में संगीतमय योगाभ्यास कराया जा रहा है। स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राणायामों के साथ ध्यान का विशेष महत्व होता है और प्रोटोकॉल के तहत कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और उद्गगीथ प्राणायामों के साथ शीतली और सित्कारी प्राणायामों के साथ ध्यान का अभ्यास कराया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी डॉ कमल, जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज सिंह, योग प्रशिक्षक इंद्रभान मौर्य, विकास यादव, राज यादव, जगदीश यादव, त्र्यम्बकम मिश्रा, अर्जुन सिंह, क्षमा सिंह, कविता, सुप्रिया, सुजाता, रचना आयुष विभाग के समस्त स्टाफ के साथ सभी योग प्रशिक्षकों के साथ सैकड़ों की संख्या में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों की उपस्थिति रहे।





