सड़क बंद होने के कारण दोनों तरफ छोटे-बड़े वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। रात के समय यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए कई वाहन चालकों ने लगभग चार किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचने का प्रयास किया।
तूफान का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। कोइरीडीहा, प्रसाद का पूरा, मेहरवां, कयार, जमुहाई समेत दर्जनों गांवों में दो दर्जन से अधिक बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते 20 घंटे बाद भी कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
बिजली विभाग की टीम युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त पोलों को हटाकर नए पोल लगाए जा रहे हैं और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बाधित होने से दो दर्जन से अधिक गांवों के उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग बिजली बहाली का इंतजार कर रहे हैं।
