जौनपुर। डिप्टी कमिश्नर इण्डस्ट्रीज ने बताया कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के तर्ज पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों को विशिष्ट व्यंजन से पहचान दिलाने हेतु उ.प्र. सरकार द्वारा ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना प्रारम्भ की गयी जिसका उद्देश्य चिन्हित व्यंजनों को प्रतिस्पर्धी बनाना, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग करके स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उक्त के क्रम में जनपद के चिन्हित व्यंजन (इमरती, एटम बम, जौनपुर मूली) हैं, में कार्यरत/कार्य करने के इच्छुक व्यक्तियों को व्यंजन की उत्पादकता बढ़ाने, पैकेजिंग, फूड टेस्टिंग, व्यंजनों के शेल्फ लाइफ बढ़ाने हेतु आधुनिक उपकरण, कोल्ड चेन/कोल्ड स्टोरेज हेतु डीप फ्रीजर, क्लाउड किचन इत्यादि की स्थापना एवं अन्य ऐसे क्रिया-कलाप जो चिन्हित ओ.डी.ओ.सी. व्यंजन को प्रतिस्पर्धी बनाएं, के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
एक जनपद एक व्यंजन योजना के अंतर्गत जिसमें रु0 25 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों हेतु कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम रु0 6.25 लाख जो भी कम हो, रु0 25 लाख से रु0 50 लाख तक की इकाइयों हेतु रु0 6.25 लाख अथवा परियोजना लागत का 20 प्रतिशत जो भी अधिक हो, रु0 50 लाख से रु0 150 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों हेतु रु0 10 लाख अथवा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत जो भी अधिक हो तथा रु0 150 लाख से अधिक की कुल परियोजना लागत की इकाईयों हेतु परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अधिकतम रु0 50 लाख जो भी कम हो, मार्जिन मनी के रुप में देय़ होगी।
सामान्य वर्ग के लाभार्थी द्वारा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान एवं विशेष श्रेणी (अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान जमा करना होगा। परियोजना लागत में पूंजी व्यय (भूमि क्रय की लागत को छोड़कर) एवं कार्यशील पूंजी का एक चक्र शामिल होगा। इच्छुक व्यक्ति जिनकी आयु कम से कम 18 वर्ष हो ऑनलाइन पोर्टल पर अपना आवेदन कर सकते है। साथ ही विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय से किसी भी कार्यदिवस में संपर्क कर सकते हैं।
