इस मौके पर सुशील सिंह सिविल जज सीनियर डिवीजन/सचिव जिला प्राधिकरण ने वृद्धों के महत्व और उनको प्राप्त अधिकारों का विस्तार से विवेचन करते हुए बताया कि उन्हें विधान और संविधान में हर जगह वरीयता दी गई है। अटल और इंदिरा पेंशन योजना रेल यात्रा में उनको दी जाने वाली छूट और सुविधाएं भरण पोषण के अधिकार दवा चिकित्सा में उन्हें प्राप्त अधिकार के बारे में बताया गया। यदि पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो चार्जशीट प्रस्तुत होने के बाद 7 वर्ष तक के मामलों में द्वारा जमानत दे दी जाएगी।
इसी क्रम में डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डा. दिलीप सिंह ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां के बच्चे सुबह उठकर माता-पिता और गुरु तथा वृद्धों का पैर छूते थे। आज स्थितियां कितनी भयानक हो चुकी हैं जिसके लिए जागरूकता हर स्तर पर फैलाया जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी प्राधिकरण के बारे में बताया कि यदि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति के लोग हैं। जेल में बंद लोग हैं। महिलाएं हैं या कोई भी ऐसा व्यक्ति जो प्राकृतिक आपदा का शिकार है, उसे प्राधिकरण द्वारा मुफ्त में सिविल और क्रिमिनल मामलों में हर प्रकार की सहायता और अधिवक्ता उपलब्ध कराये जायेंगे।
साथ ही अधिवक्ता भारत यादव, लालचंद गौतम, राजीव सिंह एवं नायब तहसीलदार शीतला प्रसाद सिंह ने कहा कि वृद्ध लोगों की समझ में सेवा करने चाहिए और उनके विधिक अधिकारों के बारे में बताते हुए उन्हें हर प्रकार से सहयोग देना चाहिए।
