वहीं योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुये डॉ. ध्रुवराज योगाचार्य ने कहा कि "जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। नियमित योग के माध्यम से बंदी मानसिक तनाव, अवसाद (डिप्रेशन), मोटापा, ब्लड प्रेशर (बी.पी.), डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्ति पा सकते हैं। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देता है।"
कार्यक्रम में जेल प्रशासन की ओर से जेलर सुभाष कुमार, डिप्टी जेलर नन्द किशोर, शिक्षाध्यापक प्रदीप अस्थाना सहित कारागार के अन्य अधिकारी, कर्मचारी के अलावा बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक योग क्रियाओं में भाग लिया और इसे दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
