जौनपुर। दीवानी न्यायालय के स्थगनादेश के बावजूद भी चर्चित लेखपाल के शह पर विपक्षियों द्वारा अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसके चलते पीड़ित पक्ष न्याय के लिये दर—दर भटक रहा है। गुरूवार को जिलाधिकारी से लिखित रूप से की गयी शिकायत के अनुसार जनपद के विकास खण्ड धर्मापुर निवासी राजेश पाल थाना गौराबादशाहपुर के पिता स्व. राम दुलार पाल द्वारा एक मुकदमा न्यायालय अपर सिविल जज (जू.डि.) द्वितीय जौनपुर में रामदुलार बनाम मंगरू दाखिल किया था। न्यायालय ने 20 मई 2013 को उभय पक्षों को वाद के अन्तिम निस्तारण तक विवादित सम्पत्ति के बाबत यथास्थिति बनाये रखने, कोई नया निर्माण न करने, पुराने निर्माण को ध्वस्त न करने का आदेश पारित किया, मगर विपक्षियों द्वारा नवनिर्माण कराया जा रहा है।
इसके बाबत पीड़ित ने थानाध्यक्ष गौराबादशाहपुर से गुहार लगायी तो उन्होंने कहा कि हल्का लेखपाल द्वारा लगायी गयी रिपोर्ट के आधार पर स्थगनादेश वाली सम्पत्ति पर निर्माण कार्य रोकने का कोई अधिकार नहीं है जबकि लेखपाल द्वारा लगायी गयी रिपोर्ट मुन्नर बनाम रामदुलार आदि का है जो अलग है। प्रार्थी का वाद रामदुलार बनाम मंगरू जिससे यह स्पष्ट होता है कि लेखपाल द्वारा लगायी गयी आख्या रिपोर्ट गलत है। मनबढ़ विपक्षी आये दिन कोई न कोई निर्माण कर रहा है। पीड़ित मजबूर है, क्योंकि विपक्षी गोलबन्द व दबंग किस्म का है। जिलाधिकारी से लिखित शिकायत करते हुये पीड़ित ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुये निर्माण कार्य रूकवाने की मांग किया जिस पर सकारात्मक आश्वासन मिला है लेकिन समाचार लिखे जाने तक उधर निर्माण कार्य जारी रहा।
