कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानाचार्य के उद्बोधन से हुआ जहां उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू के उपयोग के खतरों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना। इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस का थीम ‘आकर्षण का पर्दाफाश- तम्बाकू एवं निकोटीन की लत का मुकाबला’ है। तंबाकू एक धीमा जहर है। चाहे वह सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या खैनी के रूप में हो- यह हमारे शरीर को भीतर से खोखलाकर देता है। तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी जैसी गंभीर बीमारियाँ होती हैं। सबसे दुखद बात यह है कि इसका प्रभाव केवल उपभोक्ता पर नहीं, बल्कि उसके आस पास रहने वालो पर भी पड़ता है। इस आदत से बाहर आने के लिए वैकल्पिक एवं स्वास्थ्यवर्धक उपाय अपनाने की सलाह दी गई।
इसके अलावा तम्बाकू निषेध नोडल अधिकारी डा0 अनिल कुमार, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डा मुदित चैहान सहित अन्य वक्ताओं ने बताया कि तंबाकू सेवन ओरल कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। लंबे समय तक तंबाकू सेवन करने से मुंह में लगातार छाले होना, मुंह का कम खुलना, सफेद या लाल धब्बे दिखाई देना, निगलने में कठिनाई तथा मुंह के अंदर गांठ या घाव जैसे लक्षण विकसित हो सकते हैं जो मुख कैंसर के प्रारंभिक संकेत हो सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ0 पूजा पाठक, डा0 नवीन सिंह, डॉ0 आदर्श कुमार, डा0 आशुतोष सिंह, डा0 दीपिका साव, डा0 उस्मान, डा0 रेफत सहित अन्य चिकित्सक, एमबीबीएस प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राए व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
