Jaunpur News : लाइन बाजार में डेंगू मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने चलाया अभियान


जौनपुर। लाइन बाजार मोहल्ले में डेंगू का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को मरीज के घर और आसपास के क्षेत्र में डेंगू निरोधात्मक अभियान चलाया। जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में जिला मलेरिया एवं फाइलेरिया कार्यालय की टीम ने क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न गतिविधियां कराईं।

टीम ने बुखार से पीड़ित लोगों का सर्वे, जांच, मच्छरों के प्रजनन स्रोतों का सर्वेक्षण, जलभराव वाले स्थानों पर स्रोत नियंत्रण, स्वास्थ्य शिक्षा, पोस्टर चस्पा, पर्चे वितरण और प्रचार-प्रसार कराया। इसके साथ ही जलभराव वाले स्थानों पर एंटी लार्वा रसायन का छिड़काव भी किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक जनपद में डेंगू के कुल पांच मरीज सामने आए हैं। डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक विषाणुजनित रोग है। तेज बुखार, हड्डियों और जोड़ों में तेज दर्द, शरीर एवं मांसपेशियों में दर्द, भूख न लगना, मितली और उल्टी इसके प्रमुख लक्षण हैं। उपचार में देरी होने पर प्लेटलेट्स में कमी और रक्तस्राव जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

एडीज मच्छर के शरीर पर काले-सफेद धारियां होती हैं, जिसके कारण इसे टाइगर मच्छर भी कहा जाता है। यह मच्छर टंकियों, ड्रम, कूलर, गमलों, पुराने टायर, प्लास्टिक और टिन के बर्तनों, टब, मग, बाल्टी, हौद, कप, गिलास तथा नारियल के खोल आदि में जमा साफ पानी में पनपता है। यह मच्छर दिन में, विशेषकर सुबह और शाम के समय अधिक सक्रिय रहता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डेंगू की जांच और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में एलिजा जांच मशीन, ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर, प्लेटलेट्स, आवश्यक दवाएं, तरल पदार्थ, उपकरण और पृथक वार्ड की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर भी डेंगू जांच किट और आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड के डेंगू वार्ड भी स्थापित किए गए हैं।

डेंगू की रोकथाम के लिए प्रत्येक विकासखंड में त्वरित प्रतिक्रिया दल गठित किए गए हैं। किसी क्षेत्र में डेंगू का मामला सामने आने पर ये दल वहां पहुंचकर बुखार सर्वे, जांच, नमूना संग्रह, मच्छर प्रजनन स्रोतों का सर्वे, स्रोत नियंत्रण और स्वास्थ्य शिक्षा जैसी गतिविधियां संचालित करते हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम गौतम ने लोगों से अपील की है कि डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराएं। डेंगू की पुष्टि होने पर घबराने के बजाय चिकित्सक की सलाह के अनुसार आराम करें और पर्याप्त तरल पदार्थ, ताजे फल, फलों का रस, हरी सब्जियां, दूध, छाछ, नारियल पानी, दाल का पानी और ओआरएस का सेवन करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लें और झोलाछाप से उपचार न कराएं।

जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, झाड़ियां न उगने देने और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने की अपील की है। कूलर और फ्रिज की ट्रे तथा गमलों का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार बदलें। पानी की टंकियों को ढककर रखें और खिड़कियों एवं दरवाजों पर मच्छररोधी जालियां लगवाएं।

उन्होंने कहा, ‘जल जमाव होगा जहां, मच्छर पैदा होंगे वहां। हर रविवार मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार।’ लोगों से अपील की गई कि प्रत्येक रविवार को घर के अंदर-बाहर और छत पर जमा पानी की जांच करें तथा जलपात्रों को खाली कर दें। समय रहते सावधानी और जांच-उपचार से डेंगू से बचाव संभव है।
और नया पुराने

Contact us for News & Advertisement

Profile Picture

Ms. Kshama Singh

Founder / Editor

Mo. 9324074534