मड़ियाहूं में 50 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने लिया उन्मुखीकरण कार्यक्रम में हिस्सा
मड़ियाहूं, जौनपुर। जन विकास संस्थान एवं कौशल विकास के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ऊषा उपवन, मड़ियाहूं में आशा, एएनएम एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में लगभग 50 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोरियों के स्वास्थ्य, माहवारी स्वच्छता, टीकाकरण, पोषण, एनीमिया की रोकथाम तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार (एसआरएचआर) के प्रति कार्यकर्ताओं की जानकारी और कार्यक्षमता को बढ़ाना था। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।प्रशिक्षण के दौरान संवादात्मक सत्र, समूह चर्चा तथा व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।जन विकास संस्थान के निदेशक राजमणि ने कहा कि आशा, एएनएम एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। इनके माध्यम से ही सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के ज्ञान और दक्षता में वृद्धि से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
कार्यक्रम प्रबंधक अवधेश कुमार यादव ने बताया कि जन विकास संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और नेतृत्व विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ समुदाय में जागरूकता फैलाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।एसआरएचआर परियोजना के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर पीयूष पंकज ने यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकार, किशोर स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया की रोकथाम सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए व्यवहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की।कार्यक्रम में एमआईएस साक्षी कुमारी, कंचन, मेनिका सहित जन विकास संस्थान की पूरी टीम उपस्थित रही। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण आयोजित किए जाने की मांग की।
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