सेवा के 20–25 साल बाद भी भविष्य नहीं सुरक्षित, टीबी कर्मचारियों ने लगायी गुहारवर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने उठायी समायोजन की मांग
उप मुख्यमंत्री के आश्वासन से जगी उम्मीद
लखनऊ। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे संविदा टीबी कर्मचारियों के भविष्य का सवाल अब शासन के दरवाजे तक पहुंच गया है। 20–25 वर्षों से लगातार टीबी मरीजों की सेवा में जुटे अधिकांश कर्मचारी आज 45 से 55 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। ऐसे में सेवा समाप्त होने या रोजगार छिनने की स्थिति में नई नौकरी तलाशना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। यही चिंता उनके मन में यह सवाल पैदा कर रही है—“साहब, अब हम कहां जाएंगे!” उप मुख्यमंत्री ने संविदा टीबी कर्मचारियों की पीड़ा को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। वर्षों से मरीजों की सेवा कर रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर उन्होंने जिस आत्मीयता से भरोसा दिलाया, उससे कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी। उनका आश्वासन संवेदनशील जनप्रतिनिधित्व और कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर संविदा टीबी कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं को गंभीरता से रखा। उन्होंने वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे अनुभवी कर्मचारियों के लिए पद सृजन कर नियमानुसार समायोजन की मांग प्रमुखता से उठाई। साथ ही कर्मचारियों से जुड़ी अन्य लंबित समस्याओं से भी उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। संघ का कहना है कि शासन स्तर से निर्देश होने के बावजूद विभागीय स्तर पर पद सृजन का प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों में भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा टीबी मरीजों की सेवा में समर्पित किया है, ऐसे में अब उनके अनुभव और सेवाकाल को देखते हुए सरकार को उनके भविष्य की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
इस दौरान मामले को गंभीरता से सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा— “आप सब निश्चिंत रहें।” साथ ही अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी तत्काल आवश्यक कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए जाने का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन के बाद वर्षों से अपने भविष्य को लेकर चिंतित टीबी कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगी है। संघ ने सरकार से पद सृजन का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कराकर नियमानुसार समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा अन्य लंबित समस्याओं का भी प्राथमिकता से समाधान कराने की मांग किया है।
उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर संविदा टीबी कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं को गंभीरता से रखा। उन्होंने वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे अनुभवी कर्मचारियों के लिए पद सृजन कर नियमानुसार समायोजन की मांग प्रमुखता से उठाई। साथ ही कर्मचारियों से जुड़ी अन्य लंबित समस्याओं से भी उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। संघ का कहना है कि शासन स्तर से निर्देश होने के बावजूद विभागीय स्तर पर पद सृजन का प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों में भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा टीबी मरीजों की सेवा में समर्पित किया है, ऐसे में अब उनके अनुभव और सेवाकाल को देखते हुए सरकार को उनके भविष्य की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
इस दौरान मामले को गंभीरता से सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा— “आप सब निश्चिंत रहें।” साथ ही अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी तत्काल आवश्यक कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए जाने का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन के बाद वर्षों से अपने भविष्य को लेकर चिंतित टीबी कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण जगी है। संघ ने सरकार से पद सृजन का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कराकर नियमानुसार समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा अन्य लंबित समस्याओं का भी प्राथमिकता से समाधान कराने की मांग किया है।
