खुटहन, जौनपुर। स्थानीय विकास खण्ड क्षेत्र छतौरा ग्राम पंचायत के हसनपुर मजरे में मनरेगा योजना के तहत करीब 11 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2022-23 में निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र देख—रेख के अभाव में बदहाल पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन का उपयोग बच्चों की गतिविधियों के बजाय नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों के लिये किया जा रहा है। भवन के किचन में शराब की दर्जनों खाली बोतलें, देशी शराब के खाली पैकेट, सिगरेट के टोंटे, ग्लास और प्लास्टिक की बोतलें बिखरी मिलीं। इससे ग्रामीणों में आशंका है कि शाम ढलते ही यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है। भवन की बदहाली का वीडियो भी इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रसारित हो रहा है।
भवन का एक कमरा दरवाजा न होने के कारण नशाखोरों और असामाजिक तत्वों के लिये आसानी से उपलब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाये गये इस भवन की नियमित देख—रेख न होने से सरकारी सम्पत्ति बर्बाद हो रही है। आंगनबाड़ी केंद्र के बगल में करीब 7 लाख रुपये की लागत से बनाया गया खेल मैदान भी बदहाली का शिकार है। मैदान में जगह-जगह घास-फूस उग आई है। खिलाड़ियों के लिए लगाई गई कसरत की मशीनें भी रखरखाव के अभाव में जंग खा रही हैं।
शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए दो हैण्डपम्पों की बोरिंग कराई गई थी लेकिन पाइप धंसा दिए जाने के बाद अब तक नल या सबमर्सिबल पम्प नहीं लगाया गया। इसके चलते खिलाड़ियों और ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने खेल मैदान का शुभारम्भ किया था। उस समय मैदान को लेकर खिलाड़ियों और ग्रामीणों में काफी उत्साह था।
वहीं मैदान से सटे तालाब की सीढ़ियों पर भी घास-फूस उग आई है जिससे साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने सम्बन्धित अधिकारियों से आंगनबाड़ी भवन एवं खेल मैदान की नियमित साफ-सफाई एवं देख—रेख कराने, भवन में दरवाजा लगवाने तथा पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग किया है।
बीडीओ से नहीं हो सका सम्पर्क
इस सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारी नीरज जायसवाल के सरकारी और निजी दोनों मोबाइल नम्बरों पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
वीडीओ ने इससे किया इनकार
इस बाबत ग्राम पंचायत अधिकारी सीमा यादव से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी में सभी दरवाजा—खिड़की अच्छे से सुचारू रूप से चल रहे हैं। ऐसा किसी भी घटना से उन्होंने इनकार किया।

