11 और 12 अगस्त को दक्षता परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद काउंसलिंग के लिए 174 अभ्यर्थी पहुंचे, लेकिन इनमें से केवल 134 ने ही काउंसलिंग कराई, जबकि 40 अभ्यर्थी वापस लौट गए। अधिकारियों के अनुसार बीपीएड डिग्रीधारकों को रोजगार के सीमित अवसर मिलने के कारण स्थानीय छात्रों की रुचि कम हुई है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर के एक और गाजीपुर के सात महाविद्यालयों में बीपीएड की पढ़ाई होती है। पिछले वर्षों में राजस्थान और मध्य प्रदेश के छात्रों ने भी प्रवेश लिया था। विश्वविद्यालय को इस बार भी दूसरे राज्यों से विद्यार्थियों के आने की उम्मीद है।समन्वयक डॉ. शेखर सिंह ने बताया कि काउंसलिंग से वंचित अभ्यर्थियों को एक और अवसर देने पर प्रवेश समिति की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
