जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर जुटे करीब 300 कर्मचारी, मांगें पूरी न होने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी
जौनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ जौनपुर के बैनर तले विभिन्न मांगों के समर्थन में बुधवार, 19 अगस्त को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने में जिलेभर से करीब 300 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने प्रतिभाग कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
धरने का नेतृत्व करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया है, लेकिन शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी एक साथ कार्य करते हैं, ऐसे में चिकित्सा सुविधा के मामले में कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जाना न्यायसंगत नहीं है।
संघ के संरक्षक दिनेश सिंह ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षक और कर्मचारी दोनों समान रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा दी गई, जबकि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ भेदभाव बताते हुए कहा कि अब इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल और लगातार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। सितंबर माह में विधानसभा घेराव का भी निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने जनपद स्तर की विभिन्न समस्याओं के तत्काल निस्तारण की मांग भी उठाई। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार को समाप्त करने की मांग की गई। कर्मचारियों का कहना था कि कार्यालय से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
धरना समाप्त होने के बाद संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सह जिला विद्यालय निरीक्षक विवेक कुमार सिंह को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिए जाने समेत अन्य मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई।
धरने को विजय सिंह, अमित सिंह, पंकज सिंह, शशिप्रकाश सिंह, मोनू, आलोक सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। संचालन लाल बहादुर विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।