बरेली । उत्तर प्रदेश में प्रदेश में लीड्स जेनेटिक प्राइवेट लिमिटेड गोवंश आदि पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता, दुग्ध उत्पादकता एवं प्रजनन तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में यू पी सरकार के साथ मिलकर कार्य करेगी। प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री धर्म पाल सिंह के प्रयास से इसके लिए पशुपालन विभाग एवं लीड्स जेनेटिक प्राइवेट लिमिटेड के मध्य मंगलवार को लखनऊ में मेमोरेंडम ऑफ अंडरटेकिंग (एम ओ यू ) पर हस्ताक्षर भी हुए। अब इसे धरातल पर आने के लिए यू पी सरकार में केबिनेट से पास होने के बाद तीन चार माह लगेंगे।
बी एल एग्रो ग्रुप की लीड्स जेनेटिक प्राइवेट लिमिटेड, बरेली के चेयरमैन घनश्याम खंडेलवाल के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग के साथ इस हुए एम ओ यू से उत्तर प्रदेश में उन्नत पशु प्रजनन एवं डेयरी जेनेटिक्स को क्षेत्र में नया अध्याय प्रारंभ होगा। जिससे दूध उत्पादन में भी काफी वृद्धि हो सकेगी और इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। यह समझौता उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र को अधिक उत्पादक, तकनीक सक्षम एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस अवसर पर डा. राजेन्द्र प्रसाद निदेशक प्रशासन एवं विकास, डा संगीता तिवारी निदेशक रोग नियन्त्रण एवं प्रक्षेत्र, चेयरमैन बी एल एग्रो ग्रुप घनश्याम खंडेलवाल, श्री नवनीत रविकर निदेशक लीड जेनेटिकस, डा मार्काेश विनिशियश, वैज्ञानिक पशु प्रजनन ब्राजील तथा डा राजेरियो बैरश निदेशक इंटरनेशनल रिलेशन ब्राजील उपस्थित रहे। इसी तरह के करार के लिये मध्य प्रदेश एवं बिहार सरकार से भी वार्ता पाइप लाइन में है। उत्तर प्रदेश सरकार पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक वैज्ञानिक पशु प्रजनन व गुणवत्तायुक्त बेहतर आनुवंशिक क्षमता से सशक्त बनाने की दिशा में पहले से ही जागरूक रही थी। अब उसके इस कदम को उन्नत पशुधन एवं दुग्ध उत्पादन के क्रम में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में माना जा रहा है । लीड्स जेनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड एवं यू पी के पशुपालन विभाग के मध्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की बरेली में स्थापना हेतु एक समझौता ज्ञापन पर कल मंगलवार को साइन हुए थे। इस समझौते से प्रदेश में उन्नत पशु प्रजनन, डेयरी जेनेटिक्स, मूल्य संवर्धन तथा सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र विकसित किया जा सकेगा। इस पहल से प्रदेश में अनुवांशिक क्षमता वाले पशुधन के विकास, प्रजनन तकनीको के प्रसार, तकनीकी प्रशिक्षण तथा पशुपालको तक आधुनिक वैज्ञानिक तकनीको की पहुँच को भी मजबूती मिलेगी तथा किसानों पशुपालको की दुग्ध उत्पादकता एवं आय में वृद्धि भी हो सकेगी । यह समझौता उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं डेयरी क्षेत्र को अधिक उत्पादक, तकनीक सक्षम एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्भय सक्सेना