13 सितंबर से लगातार रक्तदान कर रही लायंस क्लब क्षितिज की टीम
मिठाई लाल सोनकर
जौनपुर। रक्तदान का महत्व शायद हम तब तक नहीं समझते, जब तक किसी अपने को खून की जरूरत न पड़ जाए। मुसीबत की उस घड़ी में एक यूनिट रक्त के लिए लोग दर-दर भटकते हैं। जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों और परिचितों से मदद की गुहार लगानी पड़ती है। कई बार तमाम प्रयासों के बावजूद समय पर रक्त नहीं मिल पाता। ऐसे में सवाल है कि जब स्वस्थ व्यक्ति कुछ मिनट निकालकर रक्तदान कर सकता है, तो हम रक्तदान के लिए आगे क्यों नहीं आते?
13 सितंबर को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई। ब्लड बैंक का पूरा स्टॉक खाली था। इसी दौरान ब्लड कैंसर से पीड़ित एक मरीज के अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन के सामने रक्त की व्यवस्था की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। ऐसे कठिन समय में जिला अस्पताल में तैनात लायंस क्लब क्षितिज के अध्यक्ष कौशल त्रिपाठी आगे आए। उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों को बुलाया और स्वयं रक्तदान किया, इसके बाद देखते ही देखते एक-एक कर 12 यूनिट रक्त एकत्र हो गया। इस रक्तदान से जरूरतमंद मरीज को तत्काल सहायता मिल सकी। इसके बाद भी लायंस क्लब क्षितिज के पदाधिकारी लगातार ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान कर रहे हैं और आज भी यह सिलसिला जारी रहा।
ब्लड बैंक में तैनात एचके कुशवाहा ने बताया कि जरूरतमंद लोगों को ब्लड उपलब्ध होने पर हरसंभव सहायता दी जाती है, लेकिन जब स्टॉक समाप्त हो जाता है तो मजबूरी पैदा हो जाती है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर ब्लड बैंक का स्टाफ भी स्वयं रक्तदान करता है। ब्लड की उपलब्धता की प्रतिदिन की रिपोर्ट सुबह 9 से 10 बजे के बीच शासन को भेजी जाती है। यह घटना हमें एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि रक्त की जरूरत किसी को भी, कभी भी पड़ सकती है। आज हम किसी अनजान व्यक्ति के लिए रक्तदान करेंगे तो कल जरूरत के समय कोई हमारे अपने के लिए आगे आ सकता है। रक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने का माध्यम है।
जौनपुर के स्वस्थ और सक्षम लोगों से अपील है कि आगे आएं, नियमित रूप से रक्तदान करें और ब्लड बैंक को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। आपका दिया हुआ रक्त किसी मां की गोद सूनी होने से बचा सकता है, किसी परिवार की उम्मीद कायम रख सकता है और किसी मरीज को जिंदगी की नई सांस दे सकता है। रक्तदान करें, जीवन बचाएं।