शाहगंज (जौनपुर)। उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में व्याप्त विसंगतियों तथा युवाओं में बढ़ रहे असंतोष को लेकर स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी शाहगंज को सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन करने और आर्थिक आधार पर सामाजिक सुधार लागू करने की पुरजोर मांग की गई है। नागरिकों का कहना है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी किए गए नए इक्विटी रेगुलेशन समाज में असंतोष और असुरक्षा की भावना पैदा कर रहे हैं। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर अंतरिम रोक लगाई है और केंद्र सरकार भी पुनर्विचार कर रही है, लेकिन राज्य सरकार को भी अपनी ओर से केंद्र को पत्र भेजकर इस कानून को पूर्णतः रद्द कराने की सिफारिश करनी चाहिए।
ज्ञापन में वर्तमान जातिगत व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की गई कि आरक्षण का आधार जाति के स्थान पर केवल आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए। संपन्न वर्ग को दायरे से बाहर कर वास्तविक रूप से जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के युवाओं को समान अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के लिए निर्धारित 10% आरक्षण की जटिल शर्तों और नियमों को सरल बनाने की मांग भी की गई, ताकि पात्र लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके। इस मौके पर मनीष सिंह, सहयोगी रोहित सिंह, दिलीप मिश्रा, दीपू सिंह, आलोक तिवारी, पवन दुबे, रितिक सिंह राणा, अभिषेक सिंह, विशाल सिंह, साजन सिंह, विवेक सिंह, हुडी बाबा समेत कई लोग मौजूद रहे।