बरसठी | क्षेत्र के बेलौनाकला गांव निवासी सात वर्षीय सिया गोविंद दुबे ने कूडो खेल में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत पदक जीते हैं। गुजरात में आयोजित स्टेट लेवल और ओपन कूडो टूर्नामेंट में सिया ने दोनों प्रतियोगिताओं में रजत पदक हासिल किया। सिया गुजरात के सरस्वती इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा एक की छात्रा है। कम उम्र में ही कूडो के प्रति उसकी रुचि और नियमित अभ्यास से उसने यह उपलब्धि हासिल की। बेटी की सफलता पर पिता गोविंद दुबे और परिजनों ने खुशी जताई। ग्रामीणों ने भी सिया को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मालूम हो कि कूडो जापान से विकसित एक मार्शल आर्ट और मुकाबला आधारित खेल है। इसमें खिलाड़ी मुक्के, किक, थ्रो और जमीन पर पकड़ बनाने जैसी विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षा उपकरणों के साथ खेले जाने वाले इस खेल में तकनीक, फुर्ती और शारीरिक क्षमता का विशेष महत्व होता है।
बरसठी | क्षेत्र के बेलौनाकला गांव निवासी सात वर्षीय सिया गोविंद दुबे ने कूडो खेल में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत पदक जीते हैं। गुजरात में आयोजित स्टेट लेवल और ओपन कूडो टूर्नामेंट में सिया ने दोनों प्रतियोगिताओं में रजत पदक हासिल किया। सिया गुजरात के सरस्वती इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा एक की छात्रा है। कम उम्र में ही कूडो के प्रति उसकी रुचि और नियमित अभ्यास से उसने यह उपलब्धि हासिल की। बेटी की सफलता पर पिता गोविंद दुबे और परिजनों ने खुशी जताई। ग्रामीणों ने भी सिया को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मालूम हो कि कूडो जापान से विकसित एक मार्शल आर्ट और मुकाबला आधारित खेल है। इसमें खिलाड़ी मुक्के, किक, थ्रो और जमीन पर पकड़ बनाने जैसी विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षा उपकरणों के साथ खेले जाने वाले इस खेल में तकनीक, फुर्ती और शारीरिक क्षमता का विशेष महत्व होता है।