जौनपुर। जिले में औसत से अधिक जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी (VDO) मनीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। उन पर उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम-3 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
जिला विकास अधिकारी के अनुसार, विकासखंड मड़ियाहूं की ग्राम पंचायत राजमलपुर, लोरिका और बदौवा में औसत से अधिक संख्या में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया था। इसकी जांच और प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए ग्राम विकास अधिकारी मनीष श्रीवास्तव को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
आरोप है कि सत्यापन के लिए मांगे गए सभी दस्तावेज ग्राम विकास अधिकारी की ओर से उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके साथ ही अधिकारियों के निर्देश के बावजूद उन्होंने मामले में संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया। इसे उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई।
जिला विकास अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया सरकारी सेवक आचरण नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर मनीष श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की विभागीय जांच और कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की जाएगी। जांच के दौरान जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने से जुड़े अभिलेखों और प्रक्रिया का भी परीक्षण किया जाएगा।