मुंबई। युवा पत्रकार मनीषा जोशी को ओक स्टूडियोज़ के खुला मंच समारोह में वरिष्ठ कला निर्देशक जयंत देशमुख, गुरु बिश्वजीत, गायक विनोद दुबे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के महासचिव डॉ वागीश सारस्वत ने सम्मानित किया.खुला मंच समारोह में मुंबई के विख्यात लेखक,पत्रकार तथा फ़िल्मकार विभिन्न प्रकार की प्रस्तुतियां देने के लिए एकत्र हुए। मध्यप्रदेश से पधारीं कवयित्री काव्या मिश्रा ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना पढ़कर समारोह की शुरुआत की।मंचों के विख्यात कवि प्रबुद्ध सौरभ ने अपने अनोखे अंदाज़ में रचनाएँ प्रस्तुत करके भाव विभोर कर दिया। नंदिता माजी शर्मा ने दोहों की प्रस्तुति देकर अचंभित कर दिया।समारोह में सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब कला निर्देशक जयंत देशमुख ने धूमिल की रचनाओं का पाठ किया। संसद से सड़क तक आम आदमी की पीड़ा को चित्रित करती धूमिल की कविताओं की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को राजनीतिक बर्बरता को रेखांकित करने वाला बना दिया। वागीश सारस्वत के काव्यपाठ ने माहौल को करुण कर दिया। जब उन्होंने चीकू की माँ कविता का पाठ किया तो श्रोताओं के रोंगटे खड़े हो गए और आँखें नम हो गईं.
समारोह का संचालन मनीषा जोशी ने किया और चमत्कार कहानी का पाठ करके चमत्कृत कर दिया।रंग लेखक व निर्देशक देव फौजदार ने भी चमत्कार से जुड़ी मथुरा यात्रा की कहानी सुनाई जिसने दर्शकों को राधारानी से जोड़कर आध्यात्मिक अनुभूति कराई। गीतकार विशु ने चलो मराठी हो जाएं रचना सुनाकर महाराष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का सफल प्रयास किया। राजेश मिश्रा और बेला बारोट ने अपने नाटकों के संवाद प्रस्तुत किए।समारोह में कमर हाजीपुरी, ब्रिजेश शुक्ला, शिखा गोस्वामी,संगीता शुक्ला ,नायरा शर्मा,रजिया रागिनी, श्रुति भट्टाचार्य,आदि ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।