क्षेत्र में बढ़ते आवारा पशुओं के प्रति प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते किसानों की धान की फसल बर्बाद हो रही है। सड़कों पर इन आवारा पशुओं के घूमने या बैठे रहने के दौरान राहगीरों को दुर्घटना का भय बना रहता है। रात्रि में प्रायः कोई न कोई पशुओं से टकरा कर घायल हो जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 135 ए पर गुरैनी बाजार के पास आवारा पशु अक्सर घूमते देखे जा सकते हैं। दिन में एक साथ कई आवारा पशुओं के सड़क पर आ जाने से यातायात प्रभावित हो जाता है। पड़ोसी गांव अर्जनपुर निवासी पूर्व प्रधान शत्रुघ्न यादव ने बताया कि आवारा पशुओं से फसल बर्बाद हो जा रही है। रखवाली करने के बावजूद रात में मौके मिलते ही आवारा पशु फसल चर जा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में घूम रहे दर्जनों आवारा पशुओं की वैकल्पिक व्यवस्था कराने की प्रशासन से मांग की है।
