जौनपुर। शहर के कलेक्ट्रेट के पास स्थित सामूहिक भवन के बगल में भगवान शिव के मंदिर में शनिवार की शाम सैकड़ों व्रती महिलाएं गाजे—बाजे के साथ पहुंचीं। रोट, प्रसाद, फल, फूल, हल्दी लेपन करके जिऊतिया माता का पूजन विधि-विधान से व्रती महिलाओ ने (जीवित्पुत्रिका) व्रत का पूजन किया। व्रती माताओं ने एक दूसरे को राजा जीमूतवाहन के साथ-साथ चील और सियारिन की कथा सुनाती हुई नज़र आई। जीमूतवाहन की कथा सुनकर अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की। यह पूजन महिलाओं का सबसे अत्यंत कठिन और पवित्र निर्जल व्रत उपवास है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान पर आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और उन्हें दीर्घायु प्राप्त होती है। देर शाम तक गाजे बाजे के साथ पहुंचे नवदंपतियों जोड़ो के साथ नव शिशुओं को माताओं ने जीउतिया पूजन किया। व्रत का समापन नवमी तिथि में सूर्योदय के पश्चात सूर्यदेव को अर्घ्य देकर और ब्राह्मण या जरूरतमंदों को दान करने के बाद व्रत पारण किया जाएगा।
Jaunpur News : पुत्र की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने किया निर्जला जीवित्पुत्रिका व्रत
byJaunpur Live
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