पुलिस से हुई नोकझोंक, सपा-भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने; योगी-मोदी और अखिलेश के लगे नारे
जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्या के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता दीवानी चौराहे से करीब एक किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए।
धरना स्थल पर पहुंचने के बाद सपाइयों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को सौंपा। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्या ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कथित असंवैधानिक कार्यों के लिए पद से हटाने और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटना चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को चुनाव में समान अवसर मिलना चाहिए और मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने तथा भविष्य में देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी मांग की।
पुलिस से हुई नोकझोंक
धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ सपा कार्यकर्ता उग्र हो गए और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंक दिया। पुतला छोड़ने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
ज्ञानेश कुमार का रूप धारण कर पहुंचा कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान सपा का एक कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का रूप धारण कर शूट पहनकर धरना स्थल पर पहुंचा। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने उसे कान पकड़कर उठक-बैठक कराई। कार्यकर्ता ने इस दौरान माफी मांगते हुए कहा कि ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।
पीएसी और ब्लैक कमांडो ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शनकारियों के उग्र होने की आशंका को देखते हुए सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने पुलिस लाइन से पीएसी और जिले की ब्लैक कमांडो टीम को बुलाया। पुलिस बल के पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जवानों ने धरना स्थल पर फ्लैग मार्च कर स्थिति को नियंत्रित किया।
सपा-भाजपा कार्यकर्ता हुए आमने-सामने
इसी दौरान भाजपा की ओर से सेवा संकल्प अभियान के तहत पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचने का कार्यक्रम था। भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों से लोगों को अवगत कराने के लिए मार्च निकाल रहे थे।
भाजपा कार्यकर्ता जब कलेक्ट्रेट गेट के पास पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद सपा कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर नारेबाजी कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं को देखकर दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। सपा कार्यकर्ताओं ने ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘योगी-मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
दोनों पक्षों की नारेबाजी तेज होने के बाद पुलिस ने एहतियातन कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने भाजपा की रैली का रास्ता बदलकर उसे दूसरे मार्ग से आगे रवाना किया।
विधायक रागिनी सोनकर ने साधा निशाना
मछलीशहर की सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की भी मांग की।
लकी यादव ने लगाया भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप
मल्हनी विधायक लकी यादव ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में चुनाव हुए, वहां चुनाव आयुक्त ने भाजपा के पक्ष में काम किया और पार्टी को चुनाव जिताने में मदद की।
उन्होंने पश्चिम बंगाल और बिहार चुनावों का जिक्र करते हुए ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया और कहा कि अब उत्तर प्रदेश में भी ऐसा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इसका विरोध करते रहेंगे और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
