Jaunpur Live News Network
जौनपुर लाइव न्यूज नेटवर्क
थानागद्दी, जौनपुर। केराकत तहसील अंतर्गत चंदवक क्षेत्र के भैंसा गांव के ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं से आजिज आकर उन्हें गांव के ही प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया। जिससे विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह बाधित हो गया। बच्चे स्कूल के बाहर घंटों इंतजार करने के बाद घर वापस लौट गये।
क्षेत्र के भैंसा गांव के छुट्टा मवेशियों से त्रस्त किसानों ने सोमवार को सैकड़ों मवेशियों को पकड़ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया। किसानों ने यह कार्य शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कराने व समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए किया। ग्रामीणों का कहना हैं कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। किसानों ने कहा कि हम जीविका चलाने के लिए बड़ी उम्मीदों के साथ फसल की बुवाई करते लेकिन आवारा मवेशियों के कारण उनकी फसल बर्बाद हो रही है। इन समस्याओं की ओर सरकार व स्थानीय प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं तहसील प्रशासन और पुलिस के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुलिस और तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। थानाध्यक्ष के समझाने के बावजूद भी ग्रामीण एक भी नहीं सुने और जानवरों को छोड़ने से इनकार कर दिया। इस दौरान स्कूल पढ़ने आयी छात्राओं ने स्कूल के गेट पर घंटों इंतजार किया और वापस लौट गई। जिससे पठन-पाठन पूरी तरह बंद रहा और अध्यापक स्कूल के बाहर बैठकर इंतजार करते रहे हालांकि, किसानों ने खबर लिखे जाने तक मवेशियों को आजाद नहीं किया। प्रदर्शन कर रहे बंटी, बबलू मौर्य, बम्बम, सूरज, गोलू, मुकेश, अभिनव, संजय, महेंद्र यादव, अजय पाण्डेय, सुनील सहित दर्जनों लोगों का कहना था कि यदि पशुओं को आजाद किया तो वह फसलों को बर्बाद कर देंगे। मामले में जब पशु चिकित्सा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने भी माना की आवारा मवेशी किसानों की समस्या का कारण बने हुए है। मामला उनकी जानकारी में है।
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थानागद्दी, जौनपुर। केराकत तहसील अंतर्गत चंदवक क्षेत्र के भैंसा गांव के ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं से आजिज आकर उन्हें गांव के ही प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया। जिससे विद्यालय में पठन-पाठन पूरी तरह बाधित हो गया। बच्चे स्कूल के बाहर घंटों इंतजार करने के बाद घर वापस लौट गये।
क्षेत्र के भैंसा गांव के छुट्टा मवेशियों से त्रस्त किसानों ने सोमवार को सैकड़ों मवेशियों को पकड़ गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया। किसानों ने यह कार्य शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कराने व समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए किया। ग्रामीणों का कहना हैं कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। किसानों ने कहा कि हम जीविका चलाने के लिए बड़ी उम्मीदों के साथ फसल की बुवाई करते लेकिन आवारा मवेशियों के कारण उनकी फसल बर्बाद हो रही है। इन समस्याओं की ओर सरकार व स्थानीय प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं तहसील प्रशासन और पुलिस के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुलिस और तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। थानाध्यक्ष के समझाने के बावजूद भी ग्रामीण एक भी नहीं सुने और जानवरों को छोड़ने से इनकार कर दिया। इस दौरान स्कूल पढ़ने आयी छात्राओं ने स्कूल के गेट पर घंटों इंतजार किया और वापस लौट गई। जिससे पठन-पाठन पूरी तरह बंद रहा और अध्यापक स्कूल के बाहर बैठकर इंतजार करते रहे हालांकि, किसानों ने खबर लिखे जाने तक मवेशियों को आजाद नहीं किया। प्रदर्शन कर रहे बंटी, बबलू मौर्य, बम्बम, सूरज, गोलू, मुकेश, अभिनव, संजय, महेंद्र यादव, अजय पाण्डेय, सुनील सहित दर्जनों लोगों का कहना था कि यदि पशुओं को आजाद किया तो वह फसलों को बर्बाद कर देंगे। मामले में जब पशु चिकित्सा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने भी माना की आवारा मवेशी किसानों की समस्या का कारण बने हुए है। मामला उनकी जानकारी में है।
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