ईश्वर के अधीन है ज्ञान, वैराग्य व मायाः डा. मदन मोहन मिश्र



जौनपुर। सुइथाकला क्षेत्र के पटैला बाजार में स्थित प्राथमिक विद्यालय मनिहर में आयोजित सात दिवसीय रामकथा के अनुक्रम में चतुर्थ दिवस पर उपस्थित भक्तों को आध्यात्मिक राम कथा रसपान कराते हुये संत प्रवर मानस कोविद डा. मदन मोहन मिश्र ने कहहुं ज्ञान विराग अरू माया। कहहुं सो भगति करहुं जेहिं दाया’ का तात्विक विवेचन किया। साथ ही कहा कि पंचवटी में सुखासीन प्रभु श्रीराम से लक्ष्मण जी ने ज्ञान, विराग व माया के स्वरूप को जानने के क्रम में ईश्वर एवं जीव के भेद को समझने की इच्छा प्रकट की। कथा के क्रम में बजरंग
दास जी महाराज ने रामजन्म की अनुपम कथा श्रवण कराते हुये ‘भये प्रकट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी’ से उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। सम्पूर्णानन्द जी महाराज ने बजरंग बली के चरित्र का वर्णन करते हुये उनके बल, बुद्धि, विद्या व भक्ति की भावपूर्ण कथा सुनायी। राम कथा का संयोजन महेन्द्र प्रसाद तिवारी व संचालन संत कल्पदेव दास ने किया। इस अवसर पर जय प्रकाश मिश्र, धीरज मिश्र, लाल साहब पाण्डेय, राम प्रकाश दूबे, विंकल तिवारी, लाल साहब पाण्डेय, त्रिलोकी नाथ दूबे सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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