Jaunpur Live News Network
जौनपुर लाइव न्यूज नेटवर्क
चंडीगढ़। 16 साल पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में दोषी करार दिए गए गुरमीत राम रहीम को गुरुवार को सजा सुना दी जाएगी। सजा का ऐलान विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगा। गुरमीत राम रहीम तथा तीन अन्य को इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी करार दिया था। मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई अदालत ने बुधवार को हरियाणा सरकार की अर्जी को मंजूर करते हुए बड़ी राहत दे दी। इस बीच सिरसा और फतेहाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सिरसा और फतेहाबाद जिलों में धारा 144 लागू है।
अब गुरमीत राम रहीम समेत कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में प्रत्यक्ष तौर पर पेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उल्लेखनीय है कि गुरमीत राम रहीम इस समय साध्वी यौन शोषण मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है, वहीं तीन अन्य अंबाला सेंट्रल जेल में हैं।
सिरसा और फतेहाबाद में धारा 144 लागू
इस बीच सिरसा और फतेहाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सिरसा और फतेहाबाद जिलों में धारा 144 लागू है। सिरसा में पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा बलों की 12 कंपनियां तैनात की गई हैं। डेरा के आसपास और अन्य संवेदनशील इलाकों में बुधवार को फोर्स द्वारा गश्त लगाई गई। सजा के ऐलान से ठीक पहले फतेहाबाद में भी किलेबंदी कर दी गई है। कड़ी सुरक्षा के लिए फतेहाबाद में बीएसएफ को भी पुलिस के साथ तैनात किया गया है। डीएसपी धर्मबीर पूनिया ने बताया कि फतेहाबाद में 16 जगह संवेदनशील चिन्हित करके नाके लगाए गए हैं। हर नाके पर आने-जाने वाले वाहनों की चैकिंग की जा रही है।
सिरसा में 38 जगह नाके लगाए गए हैं, जिनमें से 14 अकेले डेरा सच्चा सौदा इलाके में हैं। 38 ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाए गए हैं, वहीं सुरक्षा बलों की टुकडिय़ों ने बुधवार को फ्लैग मार्च भी निकाला। 17 से 19 तक डेरा क्षेत्र में सुरक्षा की कमान सीआरपीएफ के हाथ में होगी। सीआरपीएफ की दो कंपनियां सिरसा पहुंच भी चुकी हैं। हरियाणा पुलिस के जवान पहले की तरह तैनात रहेंगे।
सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च निकाला
डीसी प्रभजोत सिंह ने बताया कि पंजाब और राजस्थान के बॉर्डर वाले इलाकों पर कड़ी नाकाबंदी के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक डेरा सच्चा सौदा में अब एक हजार के करीब लोग हैं, जो हमेशा वहीं रहते हैं और काम करते हैं। इससे ज्यादा लोग नहीं डेरे में नहीं आने दिए जाएंगे। बुधवार को डीएसपी रविंद्र तोमर की कमान में सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च पुलिस लाइन से शुरू होकर बस अड्डा, परशुराम चौक, बेगू रोड, डेरा सच्चा सौदा, बाजेकां गांव, हिसार रोड से होते हुए वापस पुलिस लाइन में खत्म हुआ। पुलिस लाइन लौटने के बाद सुरक्षा में तैनात जवानों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
बता दें कि हरियाणा सरकार ने कानून व्यवस्था को आधार बनाते हुए चारों दोषियों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा के ऐलान की गुजारिश कोर्ट से की थी। कोर्ट में अर्जी पर बहस हुई थी और बुधवार को सरकार की अर्जी मंजूर हो गई। कोर्ट के फैसले के बाद डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने मीडिया से कहा कि मामले की संवेदनशीलता और प्रदेश में सुरक्षा व कानून व्यवस्था को देखते हुए सीबीआई कोर्ट ने की सरकार की याचिका मंजूर की है। उन्होंने कहा कि पिछली दफा काफी जान-माल का नुकसान हुआ था। गौरतलब है कि 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला समेत कई जगहों पर काफी आगजनी, तोडफ़ोड़ हुई थी।
जौनपुर लाइव न्यूज नेटवर्क
चंडीगढ़। 16 साल पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में दोषी करार दिए गए गुरमीत राम रहीम को गुरुवार को सजा सुना दी जाएगी। सजा का ऐलान विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगा। गुरमीत राम रहीम तथा तीन अन्य को इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी करार दिया था। मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई अदालत ने बुधवार को हरियाणा सरकार की अर्जी को मंजूर करते हुए बड़ी राहत दे दी। इस बीच सिरसा और फतेहाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सिरसा और फतेहाबाद जिलों में धारा 144 लागू है।
अब गुरमीत राम रहीम समेत कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में प्रत्यक्ष तौर पर पेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उल्लेखनीय है कि गुरमीत राम रहीम इस समय साध्वी यौन शोषण मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है, वहीं तीन अन्य अंबाला सेंट्रल जेल में हैं।
सिरसा और फतेहाबाद में धारा 144 लागू
इस बीच सिरसा और फतेहाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सिरसा और फतेहाबाद जिलों में धारा 144 लागू है। सिरसा में पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा बलों की 12 कंपनियां तैनात की गई हैं। डेरा के आसपास और अन्य संवेदनशील इलाकों में बुधवार को फोर्स द्वारा गश्त लगाई गई। सजा के ऐलान से ठीक पहले फतेहाबाद में भी किलेबंदी कर दी गई है। कड़ी सुरक्षा के लिए फतेहाबाद में बीएसएफ को भी पुलिस के साथ तैनात किया गया है। डीएसपी धर्मबीर पूनिया ने बताया कि फतेहाबाद में 16 जगह संवेदनशील चिन्हित करके नाके लगाए गए हैं। हर नाके पर आने-जाने वाले वाहनों की चैकिंग की जा रही है।
सिरसा में 38 जगह नाके लगाए गए हैं, जिनमें से 14 अकेले डेरा सच्चा सौदा इलाके में हैं। 38 ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाए गए हैं, वहीं सुरक्षा बलों की टुकडिय़ों ने बुधवार को फ्लैग मार्च भी निकाला। 17 से 19 तक डेरा क्षेत्र में सुरक्षा की कमान सीआरपीएफ के हाथ में होगी। सीआरपीएफ की दो कंपनियां सिरसा पहुंच भी चुकी हैं। हरियाणा पुलिस के जवान पहले की तरह तैनात रहेंगे।
सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च निकाला
डीसी प्रभजोत सिंह ने बताया कि पंजाब और राजस्थान के बॉर्डर वाले इलाकों पर कड़ी नाकाबंदी के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक डेरा सच्चा सौदा में अब एक हजार के करीब लोग हैं, जो हमेशा वहीं रहते हैं और काम करते हैं। इससे ज्यादा लोग नहीं डेरे में नहीं आने दिए जाएंगे। बुधवार को डीएसपी रविंद्र तोमर की कमान में सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च पुलिस लाइन से शुरू होकर बस अड्डा, परशुराम चौक, बेगू रोड, डेरा सच्चा सौदा, बाजेकां गांव, हिसार रोड से होते हुए वापस पुलिस लाइन में खत्म हुआ। पुलिस लाइन लौटने के बाद सुरक्षा में तैनात जवानों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।
बता दें कि हरियाणा सरकार ने कानून व्यवस्था को आधार बनाते हुए चारों दोषियों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा के ऐलान की गुजारिश कोर्ट से की थी। कोर्ट में अर्जी पर बहस हुई थी और बुधवार को सरकार की अर्जी मंजूर हो गई। कोर्ट के फैसले के बाद डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने मीडिया से कहा कि मामले की संवेदनशीलता और प्रदेश में सुरक्षा व कानून व्यवस्था को देखते हुए सीबीआई कोर्ट ने की सरकार की याचिका मंजूर की है। उन्होंने कहा कि पिछली दफा काफी जान-माल का नुकसान हुआ था। गौरतलब है कि 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला समेत कई जगहों पर काफी आगजनी, तोडफ़ोड़ हुई थी।

