Jaunpur Live News Network
जौनपुर लाइव न्यूज नेटवर्क
मड़ियाहूं, जौनपुर। मलीन बस्ती व मुसहर बस्ती का सौंदर्यीकरण व पक्की कालोनी बनाने की योजना तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2005 में लागू किया था। जिसके तहत मडि़याहूं ब्लाक के मईडीह व पितांबरपुर की मुसहर बस्ती को चयनित किया गया था। इसमें सरकार द्वारा बस्ती के अंदर पक्के मकान, पक्की सड़क, मैरिज हाल, दो हैंड पंप व सोलरलाइट लगाकर मुसहर बस्ती का सौंदर्यीकरण करके मुसहरों के रहन सहन में सुधार किये जाने की योजना थी। जिसके लिए डूडा विभाग जौनपुर को यह कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डूडा विभाग द्वारा मईडीह के मुसहर बस्ती में 48 कालोनी व एक मैरेज हाल का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया लेकिन यह निर्माण कार्य अधूरा ही रह गया। भवनों में न तो खिड़की, दरवाजा लगाया गया और न हीं सही ढंग से छज्जा ही किया गया जो वर्षा होने पर एक भी बूंद बाहर न गिरकर सभी भवनों के अंदर ही गिरता रहता है। लाइट व सड़क की व्यवस्था भी नहीं की गई। आज भी उक्त बस्ती के लोग घास फूस की झोपड़ी में ही अपना जीवन यापन करने के लिए विवश हैं।
इस सम्बन्ध में बस्ती के लोगों ने कई बार तहसील दिवस व उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया फिर भी वांछित कार्रवाई नहीं की गई। मंगलवार को समाधान दिवस के प्रभारी को पुन: उक्त प्रकरण के संबंध में प्रार्थना पत्र देकर इसकी जांच कराने की मांग करते हुए अधूरे कार्यों को अविलम्ब पूरा करने की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वालों में मुसहर बस्ती की शकुंतला देवी, परदेसी मुसहर, सुखडू, चिनगी वनवासी सहित दर्जनों मुसहर शामिल रहे।
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मड़ियाहूं, जौनपुर। मलीन बस्ती व मुसहर बस्ती का सौंदर्यीकरण व पक्की कालोनी बनाने की योजना तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2005 में लागू किया था। जिसके तहत मडि़याहूं ब्लाक के मईडीह व पितांबरपुर की मुसहर बस्ती को चयनित किया गया था। इसमें सरकार द्वारा बस्ती के अंदर पक्के मकान, पक्की सड़क, मैरिज हाल, दो हैंड पंप व सोलरलाइट लगाकर मुसहर बस्ती का सौंदर्यीकरण करके मुसहरों के रहन सहन में सुधार किये जाने की योजना थी। जिसके लिए डूडा विभाग जौनपुर को यह कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डूडा विभाग द्वारा मईडीह के मुसहर बस्ती में 48 कालोनी व एक मैरेज हाल का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया लेकिन यह निर्माण कार्य अधूरा ही रह गया। भवनों में न तो खिड़की, दरवाजा लगाया गया और न हीं सही ढंग से छज्जा ही किया गया जो वर्षा होने पर एक भी बूंद बाहर न गिरकर सभी भवनों के अंदर ही गिरता रहता है। लाइट व सड़क की व्यवस्था भी नहीं की गई। आज भी उक्त बस्ती के लोग घास फूस की झोपड़ी में ही अपना जीवन यापन करने के लिए विवश हैं।
इस सम्बन्ध में बस्ती के लोगों ने कई बार तहसील दिवस व उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया फिर भी वांछित कार्रवाई नहीं की गई। मंगलवार को समाधान दिवस के प्रभारी को पुन: उक्त प्रकरण के संबंध में प्रार्थना पत्र देकर इसकी जांच कराने की मांग करते हुए अधूरे कार्यों को अविलम्ब पूरा करने की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वालों में मुसहर बस्ती की शकुंतला देवी, परदेसी मुसहर, सुखडू, चिनगी वनवासी सहित दर्जनों मुसहर शामिल रहे।
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