Jaunpur Live News Network
जौनपुर लाइव न्यूज नेटवर्क
पूरे गांव में एक भी नहीं बना शौचालय
खुले में शौच के लिए मजबूर महिलाएं
मोदी और योगी का दावा हवा-हवाई
बरसठी, जौनपुर। स्थानीय विकास खंड के परियत न्याय पंचायत का चतुर्भुजपुर गांव विकास की योजनाओं से दूर है। मजे की बात तो यह है कि कागज पर बरसठी विकास खंड का हर गांव लगभग खुले में शौचमुक्त हो गया है। पीएम और सीएम ने महिलाओं को सम्मान देने के लिए पूरे प्रदेश के हर गांव में इज्जत घर (शौचालय) बनवाने का संकल्प लेकर जब इस योजना की शुरुआत किया तो चतुर्भुजपुर गांव की गरीब जनता को भी उम्मीद जगी की उनके गांव में भी आवास और शौचालय बनेगा। उनकी भी बहू-बेटियों को भी बाहर में शौच से मुक्ति मिलेगी लेकिन लगभग पूरे विकास खंड में शौचालय बन जाने के बाद इस गांव की जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है
लगभग पाँच हजार के आबादी वाले इस गांव में सबसे ज्यादा संख्या अनुसूचित जाति की है। दूसरे नंबर पर पिछड़ी जाति के लोग है, तीसरे नम्बर पर सामान्य वर्ग के लोग है। पूरे गांव में मुश्किल से 30-40 परिवारों के पास शौचालय होगा। बाकी लोग आज भी खुले में शौच करने को मजबूर है। गांव के लोगों ने आरोप लगाया हैं कि गांव का प्रधान अनुसूचित जाति का होने के कारण इस गांव के साथ विकास के मामले में भेदभाव किया जा रहा है।
गांव के लोगों से जब संपर्क किया गया तो जानकारी मिली कि गांव वाले जब भी विकास खंड मुख्यालय पर अधिकारियों और कर्मचारियों से शौचालय और आवास के संदर्भ में आवाज उठाते हैं तो उनकी जायज मांग की अनसुनी कर केवल कोरा आश्वासन दिया जाता है। गांव के हर वर्ग की जनता के मुख से एक ही आवाज अब निकलने लगी है कि यदि जिले के आलाधिकारियों द्वारा गांव में पात्र लाभार्थियों का शौचालय निर्माण और आवास निर्माण का कार्य 31 जनवरी तक प्रारम्भ नहीं कराया गया तो आगामी लोकसभा चुनाव का गांव की जनता एकसुर में बहिष्कार करेगी। गांव में लोगों ने चतुर्भुजपुर ग्राम सभा के विकास में हो रहे भेदभाव की तरफ जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया है और मांग किया है कि चतुर्भुजपुर ग्राम सभा के शौचालय और आवास निर्माण की स्थिति से डीएम स्वयं अवगत होकर विकास को गति देने की दें।
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पूरे गांव में एक भी नहीं बना शौचालय
खुले में शौच के लिए मजबूर महिलाएं
मोदी और योगी का दावा हवा-हवाई
बरसठी, जौनपुर। स्थानीय विकास खंड के परियत न्याय पंचायत का चतुर्भुजपुर गांव विकास की योजनाओं से दूर है। मजे की बात तो यह है कि कागज पर बरसठी विकास खंड का हर गांव लगभग खुले में शौचमुक्त हो गया है। पीएम और सीएम ने महिलाओं को सम्मान देने के लिए पूरे प्रदेश के हर गांव में इज्जत घर (शौचालय) बनवाने का संकल्प लेकर जब इस योजना की शुरुआत किया तो चतुर्भुजपुर गांव की गरीब जनता को भी उम्मीद जगी की उनके गांव में भी आवास और शौचालय बनेगा। उनकी भी बहू-बेटियों को भी बाहर में शौच से मुक्ति मिलेगी लेकिन लगभग पूरे विकास खंड में शौचालय बन जाने के बाद इस गांव की जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है
लगभग पाँच हजार के आबादी वाले इस गांव में सबसे ज्यादा संख्या अनुसूचित जाति की है। दूसरे नंबर पर पिछड़ी जाति के लोग है, तीसरे नम्बर पर सामान्य वर्ग के लोग है। पूरे गांव में मुश्किल से 30-40 परिवारों के पास शौचालय होगा। बाकी लोग आज भी खुले में शौच करने को मजबूर है। गांव के लोगों ने आरोप लगाया हैं कि गांव का प्रधान अनुसूचित जाति का होने के कारण इस गांव के साथ विकास के मामले में भेदभाव किया जा रहा है।
गांव के लोगों से जब संपर्क किया गया तो जानकारी मिली कि गांव वाले जब भी विकास खंड मुख्यालय पर अधिकारियों और कर्मचारियों से शौचालय और आवास के संदर्भ में आवाज उठाते हैं तो उनकी जायज मांग की अनसुनी कर केवल कोरा आश्वासन दिया जाता है। गांव के हर वर्ग की जनता के मुख से एक ही आवाज अब निकलने लगी है कि यदि जिले के आलाधिकारियों द्वारा गांव में पात्र लाभार्थियों का शौचालय निर्माण और आवास निर्माण का कार्य 31 जनवरी तक प्रारम्भ नहीं कराया गया तो आगामी लोकसभा चुनाव का गांव की जनता एकसुर में बहिष्कार करेगी। गांव में लोगों ने चतुर्भुजपुर ग्राम सभा के विकास में हो रहे भेदभाव की तरफ जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया है और मांग किया है कि चतुर्भुजपुर ग्राम सभा के शौचालय और आवास निर्माण की स्थिति से डीएम स्वयं अवगत होकर विकास को गति देने की दें।
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