Jaunpur Live News Network
जौनपुर लाइव न्यूज नेटवर्क
चंदवक, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के मचहटी गांव में विजय नरायन सिंह के यहां आयोजित सप्तदिवसीय भागवत कथा के पाँचवें कथावाचक डा. उमाशंकर त्रिपाठी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट हो जाते है। कलयुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान, वैराग्य कथा श्रवण से जागृत हो जाता है जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। भागवत पुराण हिन्दुओं के 18 पुराणों में से एक है। श्रीमदभागवत को केवल भागवतम भी कहते हैं जिसमे श्रीकृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में चित्रित किया गया है। भगवान की विभिन्न कथाओं का सार श्रीमदभागवत मोक्षदायिनी है। इसके श्रवण से परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई। कलियुग में आज भी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिला है भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का दर्शन करने के लिए भगवान शिव जी को गोपी का रुपधारण करना पड़ा। कथा श्रवण करने आये प्रमुख लोगों में बनारस सेंट्रल बार एशोसिएशन के पूर्व अध्य्क्ष अशोक सिंह प्रिंस, प्रधानमंत्री आपदा बचाव के प्रमुख सदस्य पवन सिंह, अवधेश सिंह, रामप्रीत सिंह, कपिलदेव सिंह, दिशांत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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चंदवक, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के मचहटी गांव में विजय नरायन सिंह के यहां आयोजित सप्तदिवसीय भागवत कथा के पाँचवें कथावाचक डा. उमाशंकर त्रिपाठी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट हो जाते है। कलयुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान, वैराग्य कथा श्रवण से जागृत हो जाता है जिससे सभी इच्छाओं की पूर्ति की जा सकती है। भागवत पुराण हिन्दुओं के 18 पुराणों में से एक है। श्रीमदभागवत को केवल भागवतम भी कहते हैं जिसमे श्रीकृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में चित्रित किया गया है। भगवान की विभिन्न कथाओं का सार श्रीमदभागवत मोक्षदायिनी है। इसके श्रवण से परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई। कलियुग में आज भी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिला है भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का दर्शन करने के लिए भगवान शिव जी को गोपी का रुपधारण करना पड़ा। कथा श्रवण करने आये प्रमुख लोगों में बनारस सेंट्रल बार एशोसिएशन के पूर्व अध्य्क्ष अशोक सिंह प्रिंस, प्रधानमंत्री आपदा बचाव के प्रमुख सदस्य पवन सिंह, अवधेश सिंह, रामप्रीत सिंह, कपिलदेव सिंह, दिशांत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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