जौनपुर। सबसे बड़ी सेवा पति की है। पति की चरणों में प्रीति बसी है। पति को भी चाहिये कि वह अपनी पत्नी की बातों को न टाले। भगवान भोले भण्डारी भी अपनी पत्नी पार्वती की बात कभी नहीं टालते थे। उक्त विचार स्थानीय क्षेत्र के चरियाही के खेल मैदान पर श्री सीताराम चैरेटेबुल टस्ट द्वारा आयोजित नौ दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन कथा व्यास पीठ पर बैठ स्वामी उमादास महाराज ने व्यक्त किया। कथा पान कराते स्वामी जी ने अपनी अमृत कथा से सैकड़ों नर-नारी को झूमने को मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि नशा मनुष्य को नाश कर देती है। सबके साथ सेवा करनी चाहिये। सेवा भाव से कोई बड़ा धर्म नहीं है। जीवो पर दया करो। इस दौरान उन्होंने सुबह 4 से 5 बजे की बीच में कभी भी न सोने व न लेटने की सलाह दिया। इस अवसर पर संयोजक/अध्यक्ष बुलाकी यादव, मुख्य यजमान बाबा नाथ यादव, पत्नी इसराजी देवी, संचालक हुबलाल यादव, अखिलेश यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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