सरायख्वाजा, जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति के निर्देशन में बुधवार को विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया सभागार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर एक दिवसीय 'हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग' सत्र का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की कुलाधिपति की प्रेरणा से लखनऊ में आयोजित 'एआई मंथन 2026' की सीख को विश्वविद्यालय स्तर पर लागू करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह के निर्देशन में इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक के समावेश पर बल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने कार्यशाला की रूप—रेखा प्रस्तुत करते हुये बताया कि किस प्रकार एआई भविष्य की शिक्षा व्यवस्था का आधार बनने जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञ डॉ. दिलीप यादव और डॉ. सुनील यादव ने प्रतिभागियों को एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुये उनकी समस्याओं का समाधान किया।
इस दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process) को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए विकसित किए जा रहे 'एआई चैटबॉट' का प्रस्तुतीकरण किया गया। यह चैटबॉट इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष और कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष के कुशल मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है जिससे भविष्य में छात्र-छात्राओं को प्रवेश सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करने में सुगमता होगी। कार्यशाला का संचालन डॉ. दिव्येंदु मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विक्रांत भटेजा ने किया।
इस अवसर पर कुलसचिव केश लाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह, वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, प्रो. अविनाश पाथर्डिकर, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. रसिकेश, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र पाल सहित तमाम प्रोफेसर, शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह के निर्देशन में इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक के समावेश पर बल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने कार्यशाला की रूप—रेखा प्रस्तुत करते हुये बताया कि किस प्रकार एआई भविष्य की शिक्षा व्यवस्था का आधार बनने जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञ डॉ. दिलीप यादव और डॉ. सुनील यादव ने प्रतिभागियों को एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुये उनकी समस्याओं का समाधान किया।
इस दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process) को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए विकसित किए जा रहे 'एआई चैटबॉट' का प्रस्तुतीकरण किया गया। यह चैटबॉट इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष और कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष के कुशल मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है जिससे भविष्य में छात्र-छात्राओं को प्रवेश सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करने में सुगमता होगी। कार्यशाला का संचालन डॉ. दिव्येंदु मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विक्रांत भटेजा ने किया।
इस अवसर पर कुलसचिव केश लाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह, वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, प्रो. अविनाश पाथर्डिकर, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. रसिकेश, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र पाल सहित तमाम प्रोफेसर, शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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