जलालपुर, जौनपुर। सामाजिक न्याय और अति पिछड़ा वर्ग के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देने के उद्देश्य से भारतीय मानव समाज पार्टी द्वारा आगामी 10 मई को बयालसी डिग्री कॉलेज मैदान पर “अति पिछड़ा अधिकार महारैली” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उसी को लेकर जलालपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने अपनी मांगों और रणनीतियों को स्पष्ट रूप से सामने रखा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केवट रामधनी बिंद ने कहा कि आज भी अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। जस्टिस जी. रोहिणी आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए कर्पूरी ठाकुर फार्मूले के आधार पर अलग आरक्षण कोटा तय करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि जब तक वर्गीकरण नहीं होगा तब तक वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचेगा।
इसी क्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख संदीप सिंह ने सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने, मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार और 600 दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर नियंत्रण और बड्स एक्ट 2019 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग किया।
वहीं राष्ट्र उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू राम पाल ने जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड और उत्तर प्रदेश की कोल जनजाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग रखी। साथ ही वन अधिकार कानून के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आगामी 10 मई की महारैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
