जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया कि परिवर्तक कम से कम क्षतिग्रस्त हो तथा सभी परिवर्तक पर सुरक्षा उपकरण जैसे टेललेस यूनिट एवं फ्यूज की स्थापना इत्यादि कर लिया जाय। अधिकारियों को पर्याप्त मात्रा में परिवर्तक उपलब्ध रखने हेतु निर्देशित किया गया जिससे परिवर्तक छतिग्रस्त होने पर तुरंत बदला जा सके। सभी उपखंड अधिकारियों को सचेत किया कि प्रत्येक उपभोक्ता के विद्युत बिल का निस्तारण उपखण्ड कार्यालय पर हो जाना चाहिये। अगर इसमें कहीं पर भी लापरवाही पाई जाती है तो कार्यवाही कर दी जाएगी। जनपद मुख्यालय पर ट्रिपिंग की व्यवस्था का तत्काल निराकरण किया जाय एवं सभी विद्युत पोलों एवं तारों का अनुरक्षण एवं ट्री कटिंग कर लिया जाय जिससे आगामी वर्षा ऋतु में कहीं पर भी दुर्घटना की संभावना न बनी रहे। साथ ही सभी परिवर्तकों की लोड बैलेंसिंग करते रहें। विशेषकर जलभराव वाले एरिया तथा भीड़—भाड़ वाले क्षेत्रों में यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं पर भी करंट उतरने की सम्भावनाएं न बनी रहे तथा इंसुलेशन ठीक रहे।
उन्होंने आगे कहा कि सभी अधिशासी अभियंता नियमित रूप से आरसी भेजते रहें। आरसी में उपभोक्ता का नाम, सही पता अंकित रहे जिससे वसूली करायी जा सके। साथ ही सभी तहसीलों में आरसी का मिलान कर लिया जाय। विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अगले 3 माह तक अलर्ट मोड पर रहेंगे तथा विद्युत व्यवधान होने पर तत्काल कार्यवाही करते हुये विद्युत आपूर्ति बहाल करेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
समीक्षा बैठक के दौरान जवाब से संतुष्ट न होने पर अधीक्षण अभियंता द्वितीय को कारण बताओ नोटिस तथा उपखण्ड अधिकारी खेतासराय का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश देते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि 15 दिन के पश्चात पुन: समीक्षा बैठक की जायेगी और यदि उपरोक्त दिशा निर्देशों का अनुपालन न किया जाना पाया जायेगा तो सम्बन्धित के विरुद्ध प्रतिकूल कार्यवाही की जायेगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानन्द झा, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, नगर मजिस्ट्रेट इंद्रनन्दन सिंह, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, उपखण्ड स्तर तक के अधिकारियों, भंडार सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही।
