जौनपुर । जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. एवं मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया ने शनिवार को उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान महाविद्यालय और अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों, उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण की शुरुआत प्रशासनिक भवन से हुई, जहां जिलाधिकारी ने लिफ्ट निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए उसे शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके बाद केंद्रीय पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा पुस्तकालय व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
शैक्षणिक भवन के निरीक्षण के दौरान एनाटॉमी विभाग, म्यूजियम और डिसेक्शन हॉल की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को केंद्रीय वातानुकूलन प्रणाली की तकनीकी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन में सफाई व्यवस्था, केबल प्रबंधन, रेलिंग सुरक्षा और अन्य अधूरे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।
अस्पताल भवन के निरीक्षण के दौरान ओपीडी पंजीकरण काउंटर, विभिन्न विभागों की ओपीडी तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1500 से 2000 मरीज उपचार के लिए आते हैं और विभिन्न विशेषज्ञ विभागों की ओपीडी नियमित रूप से संचालित हो रही है।
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साइनेज व्यवस्था, साफ-सफाई, वातानुकूलन प्रणाली तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने फायर सेफ्टी व्यवस्था की भी समीक्षा की और कार्यदायी संस्था को अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
पुरुष छात्रावास के निरीक्षण के दौरान मेस की साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और परिसर की स्वच्छता की समीक्षा की गई। वहीं निर्माणाधीन सीसीयू भवन के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान विद्युत व्यवस्था, सब स्टेशन, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित संस्थाओं को निर्देशित किया कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से जुड़े सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए ताकि मरीजों और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और प्रत्येक माह स्वयं निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का मूल्यांकन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो. आर. बी. कमल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ए. ए. जाफरी, वित्त नियंत्रक अतुल चौधरी, परियोजना प्रबंधक सिविल, विद्युत विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
