इसके उपरान्त शैक्षणिक भवन का निरीक्षण किया जहां एनाटॉमी विभाग, म्यूजियम एवं डिसेक्शन हॉल की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लिया। कार्यदायी संस्था को केंद्रीय वातानुकूलन (सेंट्रल एसी) प्रणाली की सभी तकनीकी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश देते हुये भवन के विभिन्न हिस्सों में सफाई, केबल प्रबंधन, रेलिंग सुरक्षा सहित अन्य अधूरे कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने का निर्देश भी दिया। अस्पताल भवन के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ओपीडी पंजीकरण काउंटर, विभिन्न विभागों की ओपीडी तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
वहीं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1500 से 2000 मरीज उपचार हेतु आते हैं तथा विभिन्न विशेषज्ञ विभागों की ओपीडी संचालित की जा रही है। मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साइनेज व्यवस्था, साफ-सफाई, वातानुकूलन प्रणाली सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिया। इसके दौरान अस्पताल भवन में फायर सेफ्टी व्यवस्था के सम्बन्ध में कार्यदायी संस्था को फायर सुरक्षा सम्बन्धित सभी कार्य तत्काल पूर्ण करने का निर्देश देते हुये कहा कि अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में मरीजों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिये।
पुरुष छात्रावास के निरीक्षण के दौरान मेस की साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था एवं परिसर की स्वच्छता की समीक्षा करते हुये उन्होंने सुधारात्मक निर्देश दिया। वहीं निर्माणाधीन सीसीयू भवन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए समयबद्ध ढंग से निर्माण कार्य पूर्ण कराने पर बल दिया। सब स्टेशन, विद्युत व्यवस्था, जलापूर्ति सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा करते हुये उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाय, ताकि मरीजों एवं विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जायेगी तथा प्रत्येक माह स्वयं निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुये जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने की चेतावनी दिया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो0 आर0बी0 कमल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ए0ए0 जाफरी, वित्त नियंत्रक अतुल चौधरी, डा. बृजेश कुमार, परियोजना प्रबंधक सिविल, विद्युत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
