Jaunpur News : जौनपुर मुठभेड़ पर उठे सवाल, गांव में पुलिस एवं पीएसी तैनात

परिजनों ने लगाया जाति देखकर कार्यवाही का आरोप

खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के मनेछा गाँव में दूल्हे की हत्या के सनसनीखेज़ मामले में पुलिस मुठभेड़ के बाद सियासी और सामाजिक गलियारों में बहस तेज़ हो गई है। पुलिस ने सोमवार की भोर में 1 लाख रुपये के इनामी अभियुक्त रवि यादव को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया जबकि मृतक के परिजनों ने प्रशासन पर जाति देखकर कार्रवाई करने का संगीन इल्ज़ाम लगाया है। गाँव में किसी भी नाखुशगवार हालत से निपटने के लिए भारी तादाद में पुलिस और पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।

दूल्हे की हत्या से शुरू हुआ पूरा मामला

मालूम हो कि एक मई को मनेछा गाँव में बारात लेकर जा रहे दूल्हे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले में तीन नामजद मुल्ज़िमों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में तीनों अभियुक्तों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। इसी दौरान सोमवार की सुबह पुलिस ने दावा किया कि मुख्य अभियुक्त रवि यादव की पुलिस टीम से मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक रवि यादव ने फायरिंग की जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।

गांव में खौफ एवं तनाव का माहौल

मुठभेड़ की खबर सामने आने के बाद रवि यादव के गाँव सोंधी में तनाव का माहौल पैदा हो गया। गाँव के कई हिस्सों में पुलिस और पीएसी के जवान गश्त करते नजर आए। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे। ग्रामीणों के मुताबिक गाँव में खौफ और बेचैनी का माहौल है। लोग खुलकर कुछ कहने से गुरेज़ कर रहे हैं लेकिन अंदरूनी तौर पर घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

परिजनों ने लगाये आरोप

मृतक रवि यादव के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर कई गम्भीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि रवि यादव को जाति देखकर निशाना बनाया गया। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है तो बाकी आरोपियों के खिलाफ भी वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार के लोगों ने कहा कि पुलिस जिन फोटो, वीडियो और सबूतों का हवाला दे रही है, उन्हें हम सबके सामने लाया जाय। उनका कहना है कि जब तक तमाम साक्ष्य सामने नहीं आते, तब तक इंसाफ़ होने का यक़ीन करना मुश्किल है। परिजनों ने यह भी माँग की कि पूरे मामले की न्यायिक जाँच कराई जाए ताकि हकीकत जनता के सामने आ सके।

पुलिस का दावा कानून के दायरे में हुई कार्यवाही

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के मुताबिक की गई है। अधिकारियों के अनुसार रवि यादव हत्या के मामले में वांछित था और लम्बे वक्त से फरार चल रहा था। पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त की ओर से फायरिंग की गई जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

सियासी एवं सामाजिक गलियारों में चर्चा तेज

घटना के बाद इलाके में सियासी सरगर्मियां भी बढ़ गई हैं। स्थानीय स्तर पर लोग इसे कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जातीय संवेदनशीलता से जोड़कर देख रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग उठाई है। जानकारों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासनिक पारदर्शिता बेहद जरूरी होती है। अगर पुलिस के पास ठोस डिजिटल या प्रत्यक्ष साक्ष्य हैं तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक करने से जनता का भरोसा मजबूत हो सकता है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इलाके में अमन कायम रखना और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करना है। जहां पुलिस अपनी कार्रवाई को जायज़ बता रही है, वहीं परिजन और ग्रामीण इंसाफ़ और पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।



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